Dilip Walse Patil

  • महिला सुरक्षा को लेकर सीएम गंभीर
  • आला पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक

मुंबई. मुंबई (Mumbai) के साकीनाका (Sakinaka) में एक महिला के साथ रेप (Rape) और जघन्य हत्या (Murder) की वारदात को महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार ने काफी गंभीरता से लिया है। महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल (Dilip Walse Patil) ने घोषणा की है कि महाराष्ट्र विधान मंडल के नागपुर शीतकालीन सत्र में महिलाओं की सुरक्षा से सम्बंधित शक्ति अधिनियम को पेश किया जाएगा। उन्होंने यह बात मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) द्वारा बुलाई गई उस बैठक के बाद कही, जिसमें मुख्यमंत्री ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सभी आला अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। 

मुख्यमंत्री ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ हिंसा और बाल शोषण को रोकने के लिए राज्य के सभी जिलों और आयुक्तालयों का जायजा लिया। दिलीप वलसे पाटिल ने कहा कि साकीनाका मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी। उन्होंने कहा हमने महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।  

मुंबई में महिलाओं की सुरक्षा पर खास जोर

  • मुंबई में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए मुंबई पुलिस कमिश्नर हेमंत नगराले ने मुंबई पुलिस को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। वहीं उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस अधिकारियों को खास निर्देश दिए हैं।  
  • पुलिस नियंत्रण कक्ष की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है और विशेष रूप से महिलाओं के संबंध में किसी भी कॉल को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। कंट्रोल रूम के प्रभारी अधिकारी द्वारा इसकी लगातार निगरानी की जानी चाहिए।
  • अंधेरे और सुनसान जगहों पर पुलिस कड़ी नजर रखे और उन जगहों पर बीट मार्शल व पेट्रोलिंग मोबाइल व्हीकल्स की मदद से ज्यादा से ज्यादा गश्त करें। 
  • अंधेरे और सुनसान जगहों पर रोशनी की व्यवस्था करने के लिए निगम से पत्राचार किया जाए और ऐसे स्थानों पर सीसीटीवी लगाने का प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजकर उसका फॉलोअप लिया जाए।
  • एकांत और अंधेरी जगहों पर अनुपयुक्त प्रकारों से बचने के क्यूआर कोड लागू किया जाना चाहिए।
  • पुलिस सीमा के भीतर जहां सार्वजनिक महिला शौचालय हैं वहां नगर निगम द्वारा पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए और उन जगहों पर मोबाइल नंबर 5 पर पेट्रोलिंग की जाए।
  • गश्त के दौरान अगर पुलिस को कोई संदिग्ध मिले तो वे जांच करें और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करें।
  • रात्रि गश्त के दौरान यदि कोई महिला अकेली पाई जाती है तो महिला पुलिस अधिकारी द्वारा उससे पूछताछ कर उसे तत्काल सहायता प्रदान की जाए।  यदि आवश्यक हो, तो महिला को सुरक्षित स्थान तक ले जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। वाहन की संख्या और वाहन चालक के मोबाइल नंबर को रिकॉर्ड करें
  • पुलिस क्षेत्र में नशा करने वालों और नशीली पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
  • पुलिस लंबे समय से सड़क पर खड़े टेंपो, टैक्सी, ट्रक और वाहनों के मालिकों की तलाश करेगी और उनसे वाहनों को वहां से हटाने को कहेगी।
  • महिलाओं के खिलाफ अपराध के लिए धारा 354, 363, 376, 509 और पोस्को अधिनियम के तहत गिरफ्तार आरोपियों के अलग-अलग रिकॉर्ड तैयार किए जाएं ऐसे सभी आरोपियों के खिलाफ उचित निवारक कार्रवाई की जाए।
  • उन सभी रेलवे स्टेशनों के बाहर पुलिस सुरक्षा के साथ रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक एक मोबाइल वाहन तैनात किया जाना चाहिए, जहां बाहर से रेलवे स्टेशन और लंबी दूरी की ट्रेनें आती हैं।