sero survey

    मुंबई. बीएमसी (BMC) द्वारा किए गए 5वें सिरो सर्वे (Siro Survey) का परिणाम आ गया है। मुंबई (Mumbai) में पिछले 4 सिरो सर्वे की तुलना में इस बार सबसे अधिक 86 फीसदी मुंबईकरों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी (Antibodies) मिले हैं। एंटीबॉडी का मिलाना अच्छी बात है, लेकिन बीएमसी अधिकारियों और डॉक्टरों की मानें तो कोरोना (Corona) के रूप बदलते वेरिएंट कब किस के लिए घातक साबित हो जाए कहा नहीं जा सकता है। 

    बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल (BMC Commissioner Iqbal Singh Chahal) के निर्देशानुसार मुंबई में वैक्सीन लेनेवाले और वैक्सीन न लेने वाले ऐसे कितने लोग है जो कोरोना वायरस गिरफ्त में आए और उन्हें पता भी नहीं चला इसका पता लगाने के लिए सिरो सर्वे शुरू किया गया। बीएमसी ने 12 अगस्त से 8 सितंबर तक 5वां सिरो सर्वे किया। स्लम का स्टेटस जानने के लिए मनपा अपने 24 वार्डों के डिस्पेंसरी से सैंपल लिया, जबकि नॉन स्लम में कोरोना की स्थिति को जानने के लिए निजी क्लिनिक से सैंपल लिए। 

    8674 सैंपल की एंटीबॉडी की जांच की गई

    सायन अस्पताल की कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की प्रमुख डॉ. सीमा बंसोड़ गोखे और माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा यह सिरो सर्वे किया गया। कुल 8674 सैंपल की एंटीबॉडी की जांच की गई। अतिरिक्त बीएमसी आयुक्त सुरेश काकानी ने बताया कि वैक्सीन लेने वाले और वैक्सीन न लेने वाले लोगों के सैंपल में बड़ी संख्या में एंटीबॉडी मिले हैं, लेकिन हमारे एक्सपर्ट्स का कहना है कि मुंबईकरों पर अभी संक्रमण का खतरा बना हुआ है। कोविड के कई वेरिएंट मिल रहे हैं ऐसे में कौन सा वेरिएंट किस के लिए कब घाटक बन जाए कुछ कह नहीं जा सकता। इसलिए लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें।

    किसमें अधिक एंटीबॉडीज

    कुल 8674 लोगों में से 65 फीसदी लोगों ने वैक्सीन की पहली या दोनों डोज ली है। जबकि 35 फीसदी ने वैक्सीन नहीं ली है। सिरो सर्वे में वैक्सीन लेने वाले 90.26 फीसदी लोगों में एंटीबॉडीज मिली है और वैक्सीन न लेनेवाले 79.86 फीसदी में एंटीबॉडीज मिली है। 

    स्लम और इमारत बराबरी पर

    इस सिरो सर्वे में स्लम में रहनेवाले और इमारतों में रहनेवाले लोगों के सैंपल में समान एंटीबॉडीज मिले हैं। स्लम में 87.02 फीसदी लोगों में और नॉन स्लम यानी इमारतों में 86.2 फीसदी लोगों में एंटीबॉडीज मिले हैं।

    पुरुषों की तुलना में महिलाओं में एंटीबॉडी थोड़ा ज्यादा

    सिरो सर्वे में पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थोड़ा अधिक एंटीबॉडी मिले हैं। मुंबई के 85.07 फीसदी पुरुषों में एंटीबॉडी मिले हैं, जबकि 88.29 फीसदी महिलाओं में एंटीबॉडी मिले हैं।

    लोगों में जो एंटीबॉडी पाई गई है यह कही न कहीं वायरस से लड़ने में मददगार साबित होगी, लेकिन वायरस के इतने वेरिएंट हैं कि एंटीबॉडी इतने सक्षम नहीं कि वे अधिक देर तक वायरस के आगे टिक पाए। शरीर में कुछ समय के बाद एंटीबॉडी का लेवल कम होने लगता है, इसलिए मास्क पहनना, सेनिटाइजेशन और भीड़ से बचना बेहद जरूरी है।

    -डॉ. दक्षा शाह, मनपा उपकार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी एवं इंवेस्टिगेटर (सिरो सर्वे)

    भले ही सिरो सर्वे में लोगों में कोरोना के खिलाफ लड़नेवाली एंटीबॉडी पाई गई है, लेकिन हम लापरवाही नहीं बरत सकते हैं। दिल्ली में भी दूसरी लहर के पहले अधिक लोगों में एंटीबॉडी मिले थे, लेकिन वहां भी कोरोना काफी तबाही मचाई। हमें कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना ही होगा।

    -डॉ. राहुल पंडित, सदस्य, कोविड टॉस्क फ़ोर्स और सीनियर इंटेंसिव केयर कंसल्टेंट, फोर्टिस अस्पताल

    मुंबई में 434 नए मरीज

    मुंबई में शुक्रवार को 40433 टेस्टिंग करने के बाद 434 नए मरीज मिले हैं, जबकि राज्य में 3586 नए कोविड मरीज मिले हैं। पिछले 24 घंटे में राज्य में 67 कोरोना ग्रसितों ने दम तोड़ा है, जिसमें से 3 मौतें मुंबई में हुई हैं। राज्य में 48,451 और मुंबई में 4658 एक्टिव मरीज हैं।

    मुंबई के आंकड़े

    • कुल टेस्ट- 9884931
    • कुल पॉजिटिव केस- 737164
    • कुल मौत- 16042
    • कुल ठीक हुए- 713992
    • डबलिंग रेट- 1289 दिन
    • चाल/ स्लम सील- 0
    • इमारतें सील- 38

    राज्य के आंकड़े

    • कुल टेस्ट- 5,67,09,128
    • कुल पॉजिटिव केस- 65,15,111
    • कुल मौत- 138389
    • कुल ठीक हुए- 63,24,720