Antilia case: NIA court's decision, accused arrested in the case, Naresh Gaur granted bail
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    मुंबई: उद्योगपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के घर एंटीलिया (Antilia) के  बाहर विस्फोटकों से भरी कार पार्क करने और ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरन (Mansukh Hiren) की हत्या (Murder) के मामले में दाखिल की गई एनआईए (NIA) की चार्जशीट को लेकर एनसीपी (NCP) ने सवाल उठाए हैं। एनसीपी ने मामले के सामने आने के बाद मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Former Mumbai Police Commissioner Param Bir Singh) के महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) पर सवाल उठाने को भी लेकर सवाल उठाए हैं। 

    एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा है कि, “एंटीलिया मामले में एनआईए की चार्जशीट ने कई सवाल खड़े किए है। चार्जशीट में सचिन वाझे को मुख्य आरोपी बनाया गया है। हम पहले दिन से कह रहे हैं कि परमबीर सिंह ने खुद को बचाने के लिए अनिल देशमुख पर आरोप लगाए थे। सिंह ने सीएम और अन्य को गुमराह किया। वह बंद दरवाजों के पीछे वाझे से मिले थे। चार्जशीट के निष्कर्षों का अर्थ है कि, हेरफेर के पीछे व्यक्ति से पूछताछ नहीं की जा रही है। बीजेपी के इशारे पर मंत्री को फंसाया गया।” 

    इस मामले को लेकर बीजेपी ने जवाब देते हुए कहा है कि, जो लोग एनआईए की चार्जशीट को लेकर सवाल उठा रहे हैं उन्हें सवालों के साथ कोर्ट का रुख करना चाहिए। बीजेपी नेता आशीष शेलार ने कहा है कि, एनआईए अपना काम कर रही है। जो लोग इसकी चार्जशीट पर सवाल उठाना चाहते हैं वे कोर्ट जा सकते हैं। एनआईए की चार्जशीट का इस्तेमाल राजनीति करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

    बता दें कि, 25 फरवरी को अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित घर के पास एक कार से जिलेटिन की छड़ों की बरामदगी और उसके बाद ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरन की हत्या के सिलसिले में एनआईए ने आरोप पत्र दाखिल किया है। इसमें सचिन वाझे को केस में मुख्य आरोपी बताया गया है। एनआईए ने चार्जशीट में दावा किया है कि सचिन वाझे ने यह पूरी साजिश अपनी पुरानी धौंस पाने के लिए रची थी। आरोप पत्र में कहा गया है कि, इस घटना के बाद वाझे ने ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरन को ”कमजोर कड़ी” माना और उसकी हत्या कर दी गई।