अविनाश भोसले की ED कस्टडी 11 जुलाई तक बढ़ी

    मुंबई: बिल्डर और एनसीपी के एमएलसी अविनाश भोसले (Avinash Bhosle) की डीएचएफएल (DHFL) और यस बैंक घोटाले (Yes Bank Scam) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ गयी है। ईडी ने भोसले को दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) और यस बैंक घोटाले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

    ईडी ने अपनी रिमांड याचिका में कहा कि भोसले एबीआईएल समूह के मालिक हैं, जिसमें 40 कंपनियों सहित 84 इकाइयां शामिल हैं। भोसले की सह-आरोपी संजय छाबड़िया के साथ मिलीभगत थी। भोसले के स्वामित्व वाली एक इकाई में अवैध रूप से 431 करोड़ रुपए की धनराशि प्राप्त की थी। एक परियोजना के विकास के लिए डीएचएफएल से धन प्राप्त हुआ था। ईडी ने अपनी रिमांड याचिका में कहा कि परियोजना अभी भी अधूरी है और ऋण खाते एनपीए में बदल गए हैं।

    भोसले के वकीलों ने हिरासत का किया विरोध

    भोसले का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों विजय अग्रवाल और राहुल अग्रवाल ने कहा कि ईडी की हिरासत बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि ईडी ने विस्तार की मांग के लिए ठोस कारण प्रस्तुत नहीं किए हैं। विशेष न्यायाधीश एमजी देशपांडे ने कहा कि बहुत सारी जांच पूरी हो चुकी हैं। ईडी को जांच को अंतिम रूप देने के लिए और हिरासत की आवश्यकता है। अदालत ने भोसली की ईडी हिसारत 11 जुलाई तक बढ़ा दी।

    30 अप्रैल को हुई थी सीबीआई की छापेमारी

    सीबीआई ने 30 अप्रैल को महाराष्ट्र के कई बिल्डरों के ठिकानों पर छापेमारी की थी और यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर और डीएचएफएल के कपिल वधावन के भ्रष्टाचार केस में अविनाश भोसले को गिरफ्तार किया था।