Bandra Varsova Sealink

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  • 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य

नवभारत न्यूज़ नेटवर्क  
मुंबई: समुद्र में देश का सबसे लंबा ब्रिज मुंबई ट्रांसहार्बर लिंक (एमटीएचएल) के शुरू हो जाने के बाद एक और इंजीनियरिंग मार्बल बांद्रा-वर्सोवा सी-लिंक मुंबई में आकार ले रहा है।  महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम को इस बहुउद्देशीय प्रोजेक्ट समुद्र में 17 किमी लंबा होगा। मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए एमएसआरडीसी लगभग 18,000 करोड़ की लागत से यह सी लिंक बना रहा है। यह सी लिंक वीर सावरकर समुद्री ब्रिज के नाम से जाना जाएगा। इसे बनाने में 1 लाख 70 हजार मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया जाएगा।

1.70 लाख मीट्रिक टन फौलाद
बताया गया कि बांद्रा-वर्सोवा सी-लिंक को बनाने में 1 लाख 70 हजार मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया जाएगा, जो फ्रांस के एफिल टॉवर से 25 गुना ज्यादा है। एफिल टॉवर दुनिया के सबसे ऊंचे लोहे के टॉवर के रूप में जाना जाता है। बांद्रा-वर्सोवा समुद्री पुल का निर्माण ऑर्थोट्रोपिक स्टील डेक (ओएसडी) स्टील के जरिए किया जा रहा है। इस सी लिंक को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। 

होंगे 4 कनेक्टर
9.6 किमी लंबाई का मुख्य सी-लिंक और लगभग 7  किमी लंबाई के 4 कनेक्टर होंगे. इनमें पहला बांद्रा कनेक्टर 1.7 किमी. पर, दूसरा  वाटर्स क्लब रोड (कार्टर रोड)  1.8 किमी पर, तीसरा जुहू तारा रोड 2.8 किमी पर और चौथा वर्सोवा में 1.8 किमी लंबा होगा। ब्रिज में जुहू के तट से लगभग 1 किमी दूर 120 मीटर लंबाई के चार स्टील स्पैन होंगे, ताकि स्थानीय मछुआरों की नावें इसके नीचे से आसानी से गुजर सकेंगी। बताया गया कि ब्रिज के निर्माण में हर किलोमीटर के लिए लगभग 10,000 मीट्रिक टन स्टील का उपयोग किया जाएगा ताकि सी-लिंक तूफान, हवा और समुद्री लहरों का आसानी से सामना कर सके। एमएसआरडीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार 90 लाख घन वर्ग मीटर कंक्रीट का इस्तेमाल भी किया जाएगा। 

20 मिनट में बांद्रा से वर्सोवा
यह ब्रिज बनने पर डेढ़ से दो घंटे के बदले बांद्रा से वर्सोवा मात्र 20-25 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। वर्सोवा, अंधेरी वेस्ट, जोगेश्वरी, ओशिवरा, गोरेगांव और मलाड में रहने वाले लोग इस परियोजना के पूरा होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 2018 से ही बांद्रा-वर्सोवा सी-लिंक के निर्माण की योजना बनी परंतु स्थानीय मछुआरों के पुनर्वास, पर्यावरण की मंजूरी आदि मुद्दों को लेकर काम की गति बढ़ न सकी। राज्य में नई सरकार आने के बाद इस सी लिंक सहित विविध इंफ़्रा कार्यों में तेजी आई। अधिकारियों के अनुसार सी लिंक का लगभग 15 प्रतिशत काम हो गया है। 

विरार-पालघर तक विस्तार की योजना
इसके साथ वर्सोवा से विरार और तीसरे चरण में सी लिंक को पालघर तक ले जाने की योजना भी बनी है। के बीच तीसरे सी-लिंक के विस्तार की भी योजना बनी है। वर्सोवा-विरार सी लिंक बनने के बाद मुंबई से विरार और पालघर तक  तक 79.11 किमी की 3 घंटे की यात्रा घट कर 1 घंटे हो जाएगी। अधिकरियों के अनुसार यदि बांद्रा वर्सोवा सी लिंक का विस्तार विरार-पालघर तक होता है तो, आने वाले समय में देश के नजीर के रूप में यह सी ब्रिज विश्व के 3 सबसे बड़े समुद्री ब्रिज में शामिल होगा। दूसरे चरण में वर्सोवा-विरार सी लिंक को पालघर तक विस्तारित करने का निर्देश मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिया है।