Prabhakar Shinde

    मुंबई : मुंबई लघुवाद न्यायालय ने मुलुंड (Mulund) स्थित वार्ड क्रमांक 106  का संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया (Election Process) को गुरुवार को निरस्त कर दिया। इससे बीएमसी (BMC) बीजेपी गुट नेता प्रभाकर शिंदे (Prabhakar Shinde) के नगरसेवकी (Corporator)पद को खतरा पैदा हो गया है। हालांकि कोर्ट ने प्रभाकर शिंदे को चार सप्ताह का समय दिया है कि वे इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट (High Court) में याचिका (Petition) दायर कर सकते हैं। शिंदे ने कहा कि वे जल्द ही इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे।

    लघुवाद न्यायालय में भार्गव कदम नामक व्यक्ति ने चुनावी प्रक्रिया के खिलाफ परिवाद दायर किया था। न्यायालय के फैसले में कहा गया है कि उम्मीदवार के आवेदन को स्वीकार करने के बाद आवेदन की जांच के बाद पता चला है कि रिटर्निंग अधिकारी ने उम्मीदवार के आवेदन पर हस्ताक्षर नहीं किया और केवल इस कारण चुनाव प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया। हालांकि उम्मीदवार को यह जांचने का कोई अधिकार नहीं है कि यह रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा हस्ताक्षरित है या नहीं। यह राज्य चुनाव आयोग और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह चुनाव प्रक्रिया को पूरा करे और राजपत्र में निर्णय की घोषणा करे। 

    हमें हाईकोर्ट में इंसाफ मिलेगा: बीजेपी

    उम्मीदवार इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते। इसलिए वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों की राय है कि किसी उम्मीदवार को 4.5 साल बाद उसकी सजा देना उचित नहीं होगा। शिंदे के खिलाफ याचिका दायर करने वाला व्यक्ति न तो स्थानीय मतदाता है और न ही उम्मीदवार रहा है। केवल राजनीतिक कारणों से एक तीसरे पक्ष द्वारा याचिका दायर की गई थी। बीजेपी का कहना है कि हमें हाईकोर्ट में इंसाफ मिलेगा।