BJP , Asaram Dongre ,Atul Save
मंत्री अतुल सावे-पदाधिकारी आसाराम डोंगरे (डिजाइन फोटो)

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मुंबई: महाराष्ट्र में दिन-ब दिन राजनीतिक (Maharashtra Politics) माहौल बिगड़ता हुआ नजर आ रहा है। हाल ही में ताजा मामला सामने आया था की महाराष्ट्र विधायक दल के लॉबी में शिंदे गुट (Shinde Faction)  के मंत्री दादा भुसे (Dada Bhuse) और विधायक महेंद्र थोरवे (Mahendra Thorave) के बीच धक्कामुकी हुई है, अब  एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल बीजेपी (BJP) के एक मंत्री पर मारपीट का आरोप (Minister accused of assault) लगा है। 

BJP के पदाधिकारी ने मंत्री पर लगाया आरोप 

आपको बता दें कि मारपीट का ये सनसनीखेज आरोप छत्रपति संभाजीनगर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी (BJP) विधायक मंत्री अतुल सावे (Atul Save) पर लगा है। इसमें दिलचस्प बात ये है कि ये आरोप बीजेपी (BJP) के एक पदाधिकारी ने लगाया है। ऐसे में खबर सामने आ रही है कि इस मामले में मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है। 

क्या है पूरा मामला 

मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है कि विधानमंडल की लॉबी में एक और मंत्री पर हमला किया गया। मंत्री अतुल सावे पर बीजेपी के एक पदाधिकारी को पीटने का आरोप लगा है और कार्रवाई की मांग की गई है। खबर मिली है कि शिकायतकर्ता आसाराम डोंगरे (Asaram Dongare) मंत्री अतुल सावे से मिलने गए तो मंत्री ने शिकायत में कहा, ”आप देवेन्द्र फड़णवीस और बावनकुले के संपर्क में हैं, इसलिए मै तुम्हे मार रहा हूं” आसाराम डोंगरे का आरोप है कि न सिर्फ मंत्रियों ने बल्कि उनके दो निजी सहायकों ने भी उनके साथ मारपीट की। इसलिए आसाराम डोंगरे ने मांग की है कि सावे के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। 

 

शिकायत में कहा.. 

शिकायत में कहा गया है, ”मैं आसाराम उत्तमराव डोंगरे हूं जो औरंगाबाद में रहता हूं, मैं भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हूं, श्री देवेंद्र फड़नवीस फाउंडेशन का अध्यक्ष हूं। दिनांक 01.03.2024 को काम के सिलसिले में कैबिनेट मंत्री अतुल सावे से मिलने गये। सावे ने मुझसे पहले ही कहा कि तुम यहां क्यों आये, मैं तुम्हारा कोई काम नहीं करूंगा। आप चाहे देवेन्द्र फड़णवीस, श्री नरेन्द्र मोदी या अमित शाह से कुछ भी कहें, मैं आपका काम नहीं करूंगा और उन्होंने मेरा लेटर फेंक दिया। जब मैंने बोलना शुरू किया तो मुझे दो थप्पड़ पड़े. उनके पीए प्रवीण चव्हाण और एक अन्य पीए अशोक शेल्के ने भी मेरे साथ मारपीट की। आप देवेन्द्र फड़णवीस और चन्द्रशेखर बावनकुले के संपर्क में रहें। तू इतना बड़ा हो गया, तेरी औकात क्या, भिखारी** साले, तरह-तरह से मां की गालियां दी। मुझे ऑफिस से बाहर निकाल दिया गया। सावे ने पहले भी चार बार मेरे साथ दुर्व्यवहार और अभद्र भाषा का उपयोग किया है। विनम्र निवेदन है कि सावे के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए…”

ऐसे में अब संभावना है कि  फिर एक बार नेताओं के मारपीट की इस घटना से भाजपा में माहौल गरमाया हुआ नजर आएगा और इसका पूरा फायदा विपक्षी नेता लेंगे।