Bombay High Court
बोम्बे हाई कोर्ट (फाइल फोटो)

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  • ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 2019 को किया था गिरफ्तार

मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गैंगस्टर इकबाल मिर्ची के कथित सहयोगी हुमायूं मर्चेंट की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मर्चेंट को मिर्ची की संपत्तियों के 200 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन में कथित संलिप्तता के लिए अक्टूबर 2019 में ईडी ने गिरफ्तार किया था। न्यायमूर्ति भारती एच डांगरे की एकल न्यायाधीश पीठ ने मर्चेंट की याचिका पर 9 फरवरी को आदेश पारित किया था। यह तीसरी बार है जब मुंबई की किसी अदालत ने मर्चेंट द्वारा दायर इसी तरह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इसी तरह के आवेदन सितंबर 2020 और नवंबर 2022 में खारिज कर दिए गए थे। 

केंद्रीय एजेंसी ने दावा किया कि, मिर्ची ने मर्चेंट को पावर ऑफ अटॉर्नी दी थी। जिसने बिल्डरों से संपर्क किया और दुबई में मिर्ची और उसके परिवार के बीच बैठकें आयोजित की थी, गिरफ्तारी के बाद से मर्चेंट तलोजा जेल में है। मर्चेंट के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता आबाद पोंडा ने तर्क दिया कि, उनका मुवक्किल बिना मुकदमे के तीन साल और नौ महीने तक हिरासत में रहा, जो धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत निर्दिष्ट अपराध के लिए अधिकतम सजा की आधी अवधि से अधिक है। 

 
उन्होंने दलील दी कि, त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करना राज्य का संवैधानिक दायित्व है और तदनुसार मर्चेंट को जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। जमानत याचिका खारिज होने के साथ, हुमायूं मर्चेंट मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आगे की कार्यवाही लंबित रहने तक हिरासत में रहेंगे।