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नवभारत न्यूज नेटवर्क
मुंबई: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान यात्रियों एवं उनके बहुमूल्य सामानों की रक्षा में सदैव सबसे आगे रहते हैं। वे न केवल रेलवे संपत्तियों की चौबीसों घंटे निगरानी करते हैं, बल्कि घर से भागे बच्चों को बचाने वाले और सामान वापस लाने वालों की कई भूमिकाएं भी निभाते हैं। मिली जानकारी के अनुसार अप्रैल-अक्टूबर 2023 की अवधि के दौरान मध्य रेल आरपीएफ कर्मियों ने “मिशन जीवन रक्षक” के तहत अपनी जान जोखिम में डालकर 66 लोगों की जान बचाई है। अधिकांश मामलों में सतर्क आरपीएफ ने उन यात्रियों की जान बचाई है, जो कभी-कभी लापरवाही बरतते हैं और चलती ट्रेनों में चढ़ते या उतरते समय खतरे का सामना करते हैं। कई बार विभिन्न व्यक्तिगत कारणों से आत्महत्या का प्रयास करते समय लोगों की जान बचाई गई है। 

ऑपरेशन ‘अमानत’ के तहत बरामद किए गए करीब 2.77 करोड़ मूल्य के सामान
रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के मुख्य कर्तव्य के अलावा, ऑपरेशन “अमानत” के तहत आरपीएफ ने अपने कर्तव्य से आगे बढ़कर जरूरतमंद यात्रियों की मदद की है और उनका खोया हुआ या छूटा हुआ सामान, जैसे कि मोबाइल, फोन, लैपटॉप, यात्रियों के आभूषण, नकदी आदि वापस लाए हैं। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान अप्रैल से अक्टूबर 2023 तक ऑपरेशन ‘अमानत’ के तहत आरपीएफ ने 857 यात्रियों का करीब 2.77 करोड़ मूल्य का सामान बरामद किया गया है। इन सामान पुनर्प्राप्ति मामलों में बैग, मोबाइल, फोन, पर्स, लैपटॉप और अन्य मूल्यवान वस्तुएं शामिल हैं। रेलवे सुरक्षा बल के इन जवानों को विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है, जैसे यात्रियों और रेलवे संपत्तियों के खिलाफ अपराध, चरमपंथी हिंसा, ट्रेन की आवाजाही में बाधा आदि शामिल हैं। 

 

विभिन्न मंडलों में बचाई गई जानें 

  • मुंबई मंडल में 19 
  • भुसावल मंडल में 13 
  • नागपुर मंडल में 14 
  • सोलापुर मंडल में 5 
  • पुणे मंडल में 15 

सामान भूलने वाले यात्रियों की संख्या और सामान की कीमत 

  • मुंबई- 377 यात्री- 1.63 करोड़
  • भुसावल- 182 यात्री- 50.45 लाख
  • नागपुर- 168 यात्री- 36.97 लाख
  • पुणे- 58 यात्री- 13.94 लाख
  • सोलापुर- 72 यात्री- 13.99 लाख