Mhada Motilal Nagar redevelopment plan

    मुंबई. गोरेगांव पश्चिम (Goregaon West) के मोतीलाल नगर (Motilal Nagar) की म्हाडा इमारतों (MHADA Buildings) के पुनर्निर्माण (Reconstruction) का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। मोतीलाल नगर 1, 2 और 3 के 50 हेक्टेयर क्षेत्र में म्हाडा की इमारतों के साथ वहां के स्लम बस्तियों का भी साथ में पुनर्वास किया जाएगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट से पुनर्निर्माण को मंजूरी दे दी है। 

    गृहनिर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने बताया कि मोतीलाल नगर की इमारतों में फ्लैट की संख्या 3700 और वहां बनाए गए 1600 झोपड़े को मिला कर यह संख्या 5300 है। लंबे समय से मोतीलाल नगर के विकास की बात फाइलों में ही चल रही थी जिसे अब मंजूरी दी गई है। यहां  पुनर्निर्माण के बाद म्हाडा को कुल 33 हजार फ्लैट बिक्री के लिए मिलेंगे।

    मुंबई में घर पाने वालों का सपना भी कुछ हद तक पूरा होगा

    जितेंद्र आव्हाड ने बताया कि मोतीलाल नगर की कॉलोनियों का पुनर्विकास करने के बाद अतिरिक्त 33,000 फ्लैट मिलेगें इससे मुंबई में घर पाने वालों का सपना भी कुछ हद तक पूरा हो सकता है। कैबिनेट ने इसे “विशेष परियोजना” के तहत पुनर्विकास करने का निर्णय लिया है। मोतीलाल नगर की कॉलोनी का कुल क्षेत्रफल लगभग 50 हेक्टेयर है।  पुनर्विकास परियोजना के निर्माण के बृहन्मुंबई विकास नियंत्रण और प्रोत्साहन नियमावली 2034 की धारा 33 (5) के तहत किया जाएगा। बिल्डर की नियुक्ति करते समय कारपेट एरिया इंडेक्स का हिस्सा विभाग के आधार पर बना कर म्हाडा के माध्यम से निविदा प्रक्रिया शुरु की जाएगी। इस परियोजना की निविदा को अंतिम रूप देते समय पुनर्वास भाग को छोड़कर शेष एफएसआई क्षेत्र का अधिकतम हिस्सा म्हाडा को प्रदान किया जाएगा। प्रीमियम का विकल्प स्वीकार करने के उपरांत निविदा को अंतिम रूप देने से पहले सरकार की मंजूरी ली जाएगी। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार परियोजना को म्हाडा द्वारा ही पूरा किया जाएगा। म्हाडा के लिए वर्तमान में परियोजना को लागू करना संभव नहीं है, इसलिए म्हाडा परियोजना का पूरा करने के लिए एजेंसी नियुक्त करन होगा।

    माइक्रोसिटी के तर्ज पर होगा डेवलपमेंट

    यह परियोजना बीडीडी चाल से भी बड़ी होने वाली है। मोतीलाल नगर के निवासी लंबे समय से पुनर्निर्माण का इंतजार कर रहे थे। इतनी बड़ी परियोजना का निर्माण करने में 10 वर्ष का समय लगेगा। इसका माइक्रोसिटी के तर्ज पर डेवलप किया जाएगा। प्रत्येक इमारत कम से कम 40 मंजिला बनेंगी। मोतीलाल नगर 60 वर्ष  पुरानी म्हाडा कॉलोनी है जिसमें 3700 निवासी रहते हैं। यह कॉलोनी 142 एकड़ में फैली हुई है। मोतीलाल नगर के  पुनर्विकास के माध्यम से, 3700 निवासियों को बड़े घर मिलेंगे ही साथ ही मुंबई बोर्ड को अतिरिक्त 33,000 घर मिलेगें, जिसे भविष्य में लॉटरी के जरिए बेचा जाएगा। इस कालोनी के पुनर्विकास पर 2100 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान लगाया गया है।