India Records 14,917 Fresh Covid-19 Cases, 32 Deaths

    -सूरज पांडे

    मुंबई: कोरोना वायरस (Corona Virus) ने पिछले 21 महीने से लोगों के नाक में दम कर रखा है। राज्य के 4 मेंटल अस्पताल (Mental Hospital) जहां केवल मानसिक मरीजों को रखा जाता है, वहां भी कोरोना (Corona) ने कोहराम मचाया है। वर्ष 2020-21 में अब तक कुल 883 मरीज कोरोना से संक्रमित (Infected) हुए हैं, जिसमें से 18 मरीजों को अपनी जान भी गंवानी (Death) पड़ी है।

    राज्य में ठाणे, पुणे, नागपुर और रत्नागिरी ऐसे कुल 4 मेंटल अस्पताल हैं। जहां हजारों की संख्या में मरीज रहते हैं। आमतौर पर इस अस्पताल में गिने चुने रिश्तेदारों को ही मरीज को देखने या मिलने की अनुमति मिलती है, लेकिन लॉकडाउन और कोविड के खतरे को देखते हुए यह संख्या और भी कम है। इसके बावजूद वायरस अस्पताल में पहुंचा और सितंबर तक कुल एक हजार मरीज और स्टॉफ इसकी चपेट में आए। 

    अस्पताल में ही आइसोलेशन वार्ड बनाकर उपचार शुरू किया

    ठाणे मेंटल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संजय बोदाड़े ने बताया कि कई बार कुछ लावारिश मरीजों को पुलिस या फिर अन्य व्यक्ति हमारे पास छोड़ जाते हैं, कुछ मरीजों में कोविड की पुष्टि हुई, तो दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि अस्पताल के स्टॉफ से कुछ में संक्रमण फैला हो, क्योंकि उनका घर से अस्पताल और अस्पताल से घर प्रवास जारी रहता है। पुणे मेंटल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. फडणवीस ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल के पालन के बावजूद कुछ मरीज वायरस के चपेट में आए शुरुआत में हम उपचार के लिए उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करते थे, लेकिन बाद में बेड्स की किल्लत बढ़ गई, जिसके बाद हमने अस्पताल में ही आइसोलेशन वार्ड बनाकर उनका उपचार शुरू किया।

    पुणे में 385 केस, 7 मृत्यु

    पुणे मेंटल अस्पताल में 2020-21 सितंबर तक कुल 4569 मरीजों की टेस्टिंग की गई, जिसमें से 385 मरीजों में कोविड की पुष्टि हुई है, जबकि 7 मरीजों को अपनी जान भी गवानी पड़ी है।

    ठाणे में 211 केस, 10 मृत्यु

    ठाणे मेंटल अस्पताल में 2020- 21 सितंबर तक कुल 6399 मरीजों की टेस्टिंग की गई, जिसमें से 211 मरीजों में कोविड की पुष्टि हुई है। जबकि 10 मरीजों को अपनी जान भी गवानी पड़ी है।

    नागपुर में 226 केस, 6 मृत्यु

    नागपुर मेंटल अस्पताल में 2020- 21 सितंबर तक कुल 2020 मरीजों की टेस्टिंग की गई, जिसमें से 226 मरीजों में कोविड की पुष्टि हुई है। जबकि 6 मरीजों को अपनी जान भी गवानी पड़ी है।

    रत्नागिरी में 918 केस, 1मृत्यु

    रत्नागिरी मेंटल अस्पताल में 2020- 21 सितंबर तक कुल 918 मरीजों की टेस्टिंग की गई, जिसमें से 61 मरीजों में कोविड की पुष्टि हुई है। जबकि 1 मरीजों को अपनी जान भी गवानी पड़ी है।

    221 स्टॉफ संक्रमित, 3 की मृत्यु

    राज्य के 4 मेंटल अस्पतालों में कुल 221 स्टॉफ संक्रमित हुए। ठाणे में 1129 स्टॉफ की टेस्टिंग के बाद 89 स्टॉफ संक्रमित हुए मिले हैं। पुणे में 1132 स्टॉफ की टेस्टिंग के बाद 72 संक्रमित मिले हैं। नागपुर में 372 स्टॉफ की टेस्टिंग के बाद 35 में संक्रमित मिले हैं और रत्नागिरी में 80 स्टॉफ में से अब तक 25 कोरोना की चपेट आए हैं। ठाणे में 2 और पुणे में एक कर्मचारी की मौत भी हुई है।

    अस्पतालों में हजारों की संख्या में मरीज हैं, फिर भी संक्रमितों के आंकड़े कम है। कोविड संक्रमण का एक कारण यह हो सकता है कि हमारे स्टॉफ जो इस महामारी में भी सेवा दे रहे हैं वे घर से अस्पताल आने और जाने के समय काफी लोगों के संपर्क में आते हैं, ऐसे में काफी प्रिकॉशन लेने के बावजूद कुछ स्टॉफ और मरीज संक्रमित हुए हैं।

    -डॉ. साधना तायड़े, निदेशक, डायरेक्टरेट ऑफ हेल्थ एंड सर्विसेस

    मेंटल अस्पताल के बारे में तो पता नहीं, लेकिन आमतौर पर मानसिक रोग से ग्रस्त मरीज कोविड नियमों का पालना नहीं करते हैं। उन्हें उतनी समझ नहीं होती उन्हें मास्क दो तो नहीं पहनते, हाथ नहीं धोते परिवार से अक्सर यह शिकायत होती है, ऐसे में उनमें संक्रमण का खतरा थोड़ा अधिक होता है। ऐसे मरीजों को परिवार को समझना और उनकी मानसिक अवस्था को खुद भी समझना चाहिए। डॉक्टरों से संपर्क करें और उनका उपचार जारी रखें।

    -डॉ. अविनाश डिसूजा, अध्यक्ष, बॉम्बे साइकाइट्रिक सोसाइटी और मनोरोग विशेषज्ञ