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नवभारत न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई: मुंबई की सबसे बड़ी झोपड़पटी, धारावी का पुनर्विकास पूरा होने के बाद स्थानीय कारोबारी इकाइयां ‘स्टेट गुड्स एंड सर्विस टैक्स’ (एस जीएसटी) रिफंड सहित कई लाभ हासिल कर सकेंगी। अदाणी ग्रुप और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त वेंचर ‘धारावी पुनर्विकास परियोजना’ (डीआरपी)  ने सोमवार को कहा कि यह स्थानीय कारोबार क्षेत्रों को संगठित बनाने का एक कदम है और टैक्स की रियायत महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए निविदा शर्तों के अनुसार हैं। डीआरपी ने आगे कहा कि  पुनर्विकसित धारावी में पात्र इंडस्ट्रियल और कमर्शियल यूनिट्स को नवनिर्मित बिल्डिंगों के व्यवसाय प्रमाणपत्र की प्राप्ति की तारीख से पांच साल तक जीएसटी रिफंड मिलेगा। 
 
 डीआरपी के प्रवक्ता ने कहा कि हजारों करोड़ रुपये की पुनर्विकास परियोजना व्यवसायों की अनौपचारिक प्रकृति को बदलने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि टैक्स का लाभ मौजूदा और नए दोनों कारोबार क्षेत्रों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनने में मदद करेंगे। एस जीएसटी की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा की जाएगी और बिज़नेस यूनिट को रिफंड का दावा करते समय प्रमाण के रूप में एस जीएसटी भुगतान विवरण प्रदान करना होगा। 
 
 
धारावी झोपड़पट्टी में चमड़े की लाड़ियां, मिट्टी के बर्तनों सहित विभिन्न क्षेत्रों में हजारों उद्यम चलते हैं। डीआरपी के बयान में कहा गया है कि कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड धारावी की इकाइयों से अपना माल मंगाते हैं और व्यावसायिक गतिविधियों से कुल कारोबार लाखों डॉलर का होने का अनुमान है।