High voltage drama between police and accused in MP, person trying to escape from custody got shot
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    मुंबई: मुंबई पुलिस (Mumbai Police) की क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने फर्जी मार्कशीट (Fake Marksheet) और वर्क एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है और पिछले एक साल से फर्जी सर्टिफिकेट (Fake Certificate) बनाने वाले दो लोगों को गिरफ्तार (Arrested) किया है। पुलिस ने कहा कि पकड़े गए आरोपी प्रत्येक मार्कशीट को 3,000 रुपए में बेच रहे थे। 

    पुलिस के अनुसार, पिछले हफ्ते उन्हें एक इनपुट मिला था कि चेंबूर वाशी नाका निवासी फर्जी स्कूल और कॉलेज की मार्कशीट और साथ ही एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट बनाने के काम में शामिल है। जिसकी पहचान वजुद्दीन अली खान (39) के रूप में हुई थी। क्राइम ब्रांच ने उस संदिग्ध के घर के पास जाल बिछाया और उसे पकड़ लिया। जब उसके घर की तलाशी ली तो तलाशी के दौरान 10 नकली मार्कशीट,कंप्यूटर,लैपटॉप,हार्ड डिस्क,प्रिंटर बरामद किया। जिसका इस्तेमाल उसने ये फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के लिए किया था।

    मार्कशीट और प्रमाणपत्रों का लेते थे 3000 रुपए 

    वहीं जांच के दौरान, पुलिस को पता चला कि एक अन्य संदिग्ध विक्की कुमार शर्मा (22) भी प्रमाण पत्र बनाने में शामिल था,जिसके बाद उन्होंने उसे वाशी नाका स्थित से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने मार्कशीट और प्रमाण पत्रों को कलर स्कैन कर अपने ग्राहक की आवश्यकता के अनुसार नाम और साल बदल कर देते है और इसके लिए उनसे 3,000 रुपये के लेते है। पुलिस जब्त की गई हार्ड डिस्क और अन्य सामग्रियों की जांच कर रही हैं ताकि पता लगाया जा सके कि आरोपियों ने कितनी नकली मार्कशीट और प्रमाण पत्र बेचे हैं। एक अधिकारी ने कहा कि हम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इसमें और लोग शामिल हैं।