प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

    सय्यद जाहिद अली

    मुंबई. एक तरफ कोरोना (Corona) की तीसरी लहर (Third Wave) ने मुंबई (Mumbai) में इन्ट्री मार दी हैं, वहीं राज्य सरकार स्कूल शुरु (Start School) करने पर विचार कर रही है। तीसरी लहर की इन्ट्री से अभिभावकों (Parents) में दहशत का माहौल बनता जा रहा है, यही कारण है की सरकार द्वारा स्कूल शुरु किए जाने के विचार का अभी से ही विरोध होने लगा है। 

    कोरोना की तीसरीं लहर ने देश में इन्ट्री के साथ ही दहशत फैलाना शुरु कर दिया है। जैसा की कहा जा रहा है कि तीसरी लहर बच्चों के लिये खतरनाक है। यहां के बाल सुधार गृह के बच्चों पर असर डालने के बाद अन्य रिहायसी इलाकों में असर दिखाना शुरु कर दिया है। कोरोना संक्रमित इलाके की इमारतें फिर से सील होने लगीं हैं। इसी दरम्यान राज्य सरकार द्वारा स्कूलों को फिर से शुरु किए जाने को लेकर चर्चा का दौर गर्म है। वहीं दूसरी तरफ स्कूल शुरु किए जाने को लेकर अभिभावकों मे विरोध होने लगा है। अभिभावकों का कहना है कि इतने दिनों से स्कूल बन्द हैं, लेकिन अब जब की कोरोना की तीसरी लहर आ गई है तो जल्दबाजी नहीं करनी चाहिये,  बच्चों की जिन्दगी से खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिये। 

    अब जल्द बाजी क्यों 

    वडाला के मेडोना इलाके में रहने वाले यासिर मोहम्मद रेड्डी का  बेटा जैद मोहम्मद सायन के एएम के प्रीमियर हाईस्कूल में सीनियर केजी में है। उन्हें टीवी के जरिये पत चला कि सरकार स्कूल चालू करने पर विचार कर रही है तब खासे नाराज हुए। उनका कहना है कि तीसरी लहर आ गई है जैसे इतने दिन स्कूल बन्द थे वैसे ही तीसरी लहर खत्म होने तक स्कूल बन्द रखना चाहिये। हम अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज सकते सरकार को अभी स्कूल शुरु करने का विचार नहीं करना चाहिये। 

     पहले सरकार करे व्यवस्था

    90 फीट शमां सोसायटी में रहनेवाले डब्बु गुप्ता का बेटा सेन्ट जेवियर्स में शिक्षा हासिल कर रह है। गुप्ता कहते हैं कि सरकार को स्कूल शुरु करने के पहले कोरोना नियमावली, सेनेटाईजिंग, फस्ट एड और अन्य जरूरी चीजों की व्यवस्था करनी चाहिये। 

    आखिर बच्चे तो बच्चे ही हैं 

    विक्रोली के भवानी चौधरी के दो बच्चे विक्रोली के सेन्ट जेवियर्स स्कूल मे पढ़ते हैं। चौधरी का मानना है कि बच्चों की  जिन्दगी से खिलवाड़ उचित नहीं है क्योकिं स्कूलों में कितनी भी व्यवस्था कर ली जाए बच्चे तो बच्चे ही होते हैं। 

    तब भेजेंगे स्कूल 

    हरियाली गांव के सीबीसी इंग्लिश हाईस्कूल और विक्रोली विद्यालय के वी वी इंग्लिश स्कूल में रेखा योगेश येवले के 2 बच्चे पढ़ते हैं। रेखा स्कूल शुरु किए जाने के विरोध में हैं उनका कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर खतरनाक व बच्चों को जल्द संक्रमित कर सकती है, ऐसें में हम अपने बच्चों को स्कूल कैसे भेज सकते हैं। पढ़ाई से जान बड़ी है जब तीसरी लहर खत्म होगी तभी स्कूल भेजेंगे। 

    जब सब खुल रहे हैं तब स्कूल क्यों नहीं : राय

    श्री गौरीद्त्त मित्तल विद्यालय एवं ज्युनियर कालेज के पर्यवेक्षक डॉ. अच्च्युदानंद राय का कहना है कि बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है, इसलिए जल्द ही स्कूल शुरु करने का निर्णय सरकार को लेना चाहिए। उनका कहना है कि स्कूल सावधानी के साथ शुरु किया जाना चाहिए। 

    स्कूल शुरु होने चाहिए पर योजना बनाकर  

    धारावी के छत्रपति शिवाजी विद्यालय की प्रिंसीपल वीणा राजेन्द्र डोलवलकर का कहना है कि स्कूल बन्द होने से बच्चों  की दिनचर्या बदल रही है, देर से उठाना, दिन भर खेलते रहना इत्यादि जब स्कूल शुरु होगा उन्हें स्कूल जाने कहा जायेगा तो वे जल्दी नहीं जाएंगे। वीणा ने बताया कि उन्होंने सलाम मुंबई फाऊंडेशन-के साथ इसी विषय पर सेमिनार लिया था जिसमे माना गया की स्कूल शुरु होना जरूरी है।