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    मुंबई/अहमदनगर. केन्द्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार और केंद्र के बीच टकराव चरम पर है। एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री जयंत पाटिल (Cabinet Minister Jayant Patil) ने सवाल उठाया है कि क्या भाजपा (BJP)में शामिल हुए लोगों को सीबीआई (CBI), ईडी (ED) और आयकर विभाग (Income Tax Department) से सुरक्षा प्राप्त है। 

    उन्होंने कहा कि हम भाजपा में शामिल ऐसे नेताओं की सूची देते हैं, जिन पर करप्शन (Corruption) का आरोप है, लेकिन क्या ईडी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करेगा। जयंत पाटिल, एनसीपी परिवार संवाद यात्रा के लिए अहमदनगर पहुंचे थे, जहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार को घेरा।

    मंत्रियों को बदनाम करने की साजिश

    जयंत पाटिल ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में महाविकास आघाड़ी सरकार के मंत्रियों को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि ईडी को यह भी बताना चाहिए कि उन लोगों के साथ क्या हुआ, जिन पर मनी लांड्रिंग समेत अन्य आरोप थे। ऐसे नेताओं को पहले केंद्रीय एजेंसी द्वारा फटकार लगाई गई थी, लेकिन भाजपा में शामिल होते ही उनकी फाइल बंद हो गई। 

    एनसीपी नेताओं का बचाव  

    पाटिल ने करप्शन के आरोप में घिरे एकनाथ खडसे, हसन मुश्रिफ और अनिल देशमुख का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के खिलाफ कोई पक्के सबूत नहीं मिले हैं।

    साथ नहीं चले तो हम अपनी भूमिका तय करेंगे     

    जयंत पाटिल ने स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर चल रही बयानबाजी के बारे में कहा कि चुनाव अभी दूर हैं इसलिए महाविकास आघाड़ी की भूमिका अभी तय नहीं की गई है। नेता अपने-अपने पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठकों के जरिए अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं। पाटिल ने कहा कि कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह पैदा करने के लिए नेताओं को अक्सर बोलना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर महाविकास आघाडी में शामिल शिवसेना और कांग्रेस अपने बल पर चुनाव लड़ती है तो हम भी अपनी भूमिका तय करेंगे।