Maratha community Reservation

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नवभारत न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई: मराठा आरक्षण के मुद्दे पर अपनी मांगो को लेकर अड़े मनोज जरांगे द्वारा डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस पर लगाए गए आरोपों से सरकार पूरी तरह चिढ़ गई है। रविवार को जरांगे द्वारा उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर उनके एनकाउंटर का आरोप लगाए जाने पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जवाब देते हुए कहा कि जरांगे की भाषा बदल गई है। वे नहीं बल्कि उनके पीछे कोई बोल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने निचले स्तर पर जाकर बोलना महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है। सीएम ने चेतावनी दी कि आंदोलनकर्ता यदि कानून हाथ में लेते हैं तो सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। सीएम शिंदे  ने कहा कि इसके पहले मराठा समाज के हित में जरांगे ने जो कुछ कहा जरांगे हमने मान्य किया, यहां तक की प्रोटोकॉल तोड़कर उनसे मिले, लेकिन अब बेबुनियाद आरोप सहन नहीं किया जाएगा। 

सरकार ने वादा निभाया
सोमवार से शुरू हो रहे राज्य विधानमंडल के बजट सत्र के पहले पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मराठा समुदाय को 10 प्रतिशत आरक्षण देकर अपना वादा निभाया है। जरांगे के सागर बंगले की ओर कूच करने और उन पर लगाए आरोप पर फडणवीस ने कहा कि सागर बंगला सरकारी है, वहां कोई भी सरकारी काम से आ सकता है। 

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जरांगे ने जो भी कहा वह तथ्यहीन है। फडणवीस ने  कहा कि मराठा समाज के लिए कई योजनाओं की शुरुआत उन्होंने ही की। जरांगे वैसे ही बोल रहे हैं जो अब तक उद्धव और शरद पवार बोल रहे थे। उधर अजित पवार ने भी चेतावनी देते हुए कहा कि जरांगे क्या बोल रहे हैं इसका भान होना चाहिए। उन्हें संयम बरतना चाहिए। डिप्टी सीएम अजित पवार ने भी जरांगे के बयान पर नाराजगी जताई।