samridhi tunel

    मुंबई. मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग (Mumbai-Nagpur Samridhi Highway) पर महाराष्ट्र (Maharashtra) की सबसे लंबी सुरंग (Long Tunnel) ने आकर ले लिया  है। एफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर ने इगतपुरी (Igatpuri) में सबसे लंबी और चौड़ी सड़क सुरंगों की टनलिंग का कार्य पूरा कर लिया है। समृद्धि महामार्ग पर वसाला के पास पैकेज-14 के तहत दोनों सुरंगों  का  निर्माणकार्य  तेजी से हो रहा है। पैकेज 14 में एक्सप्रेस-वे (Expressway) पर दो वायडक्ट, दो सुरंग और एक इंटरचेंज का काम शामिल है। इसे सितंबर 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य है। 

    एमएसआरडीसी के जॉइंट एमडी अनिल कुमार गायकवाड़ ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, यह सुरंग एक तरह से मील का पत्थर साबित हुई  है, जिसे एफकॉन्स ने हासिल किया है। पूरे प्रोजेक्ट में सभी 16 पैकेजों में यह सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसकी टनलिंग कुशलतापूर्वक की गई है।

    5 माह में मिली सफलता

    एफकॉन्स ने केवल 5 महीनों में  सफलता हासिल कीं। पहली सफलता इस साल मई में हासिल की गई, इसके बाद क्रमश: दूसरी और तीसरी जुलाई और अगस्त में हासिल की गई। सितंबर में अंतिम सफलता के साथ, दोनों सुरंगों के माध्यम से शुरू से अंत तक कनेक्टिविटी हासिल कर ली गई है। एफकॉन्स के प्रोजेक्ट मैनेजर शेखर दास के अनुसार सुरंगों के अंदर शेष कार्य में अंतिम अस्तर, सड़क फुटपाथ कार्य, सुरंग में यांत्रिक कार्य, विद्युत और एमईपी आदि कार्य होंगे। अगले साल जून तक दोनों सुरंगों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

    कोरोनकाल में भी जारी रहा कार्य

    उल्लेखनीय है कि कोरोनाकाल में प्रतिबंधों और बाधाओं के बावजूद काम जारी रहा। इस दौरान मजदूरों की कमी, सामग्री और विस्फोटकों की आपूर्ति में व्यवधान आया। इसके अलावा, इगतपुरी राज्य का सबसे अधिक वर्षा वाला क्षेत्र होने से लंबे समय तक बारिश में टनलिंग एक कठिन था। एमएसआरडीसी के कार्यकारी अभियंता हेमंत जगताप के अनुसार यहां कार्यरत सभी कर्मचारियों, इंजीनियरों, उनके परिवारों और श्रमिकों का वैक्सीनेशन हुआ  यहां तक कि साइट पर एक सुसज्जित स्वास्थ्य केंद्र भी स्थापित किया गया। एक महीने में सबसे ऊंची खुदाई 258.4 मी. थी। इंजीनियरों और लगभग 2 हजार श्रमिकों के माध्यम से टनलिंग का काम समय पर किया गया।

    पर्यटकों के लिए आकर्षण

    मुंबई से लगभग 120 किमी पर  इगतपुरी पर्यटक क्षेत्र है। जल्द ही महाराष्ट्र की यह सबसे लंबी सड़क सुरंग के रूप एक और आकर्षण होगा। यह  दोहरी सुरंग बाएं ओर 7.80  किमी और दाईं ओर 7.76  किमी लंबी और 35 मीटर चौड़ी है। सुरंग कसारा घाट पर वाहनों की भीड़ को कम करने में मदद करेगी और यात्रा में लगभग एक घंटे की बचत भी होगी। एफकॉन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शेखर दास के अनुसार यह सुरंग समृद्धि एक्सप्रेस पर  कसारा और इगतपुरी शहरों के बीच के अंतर को भी कम करेगी। कसारा घाट को पार करने में 1 घंटा लगता है। सुरंग के बनने से मात्र 5 मिनट में यह दूरी में तय की जा सकेगी।

    80 प्रतिशत काम पूरा

    बताया गया कि नागपुर से शिर्डी तक काम लगभग 80 प्रतिशत हो गया है। राज्य की राजधानी और उप राजधानी को जोड़ने वाले 701 किलोमीटर लंबे पूर्व-पश्चिम एक्सप्रेस वे के दिसंबर  2021 तक आंशिक रूप से चालू  होने की उम्मीद है।

    10 जिलों में समृद्धि

    लगभग 55,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेस-वे राज्य के 10 जिलों से होकर गुजरेगा। इनमें ठाणे, नासिक, अहमदनगर, जालना, औरंगाबाद, बुलढाणा, वाशिम, अमरावती, वर्धा और नागपुर प्रमुख हैं। एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोल पंप आदि सुविधा निर्माण करने का काम भी चल रहा है।