Photo: @ANI/ Twitter
Photo: @ANI/ Twitter

    मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में सत्ता से बाहर होने के बाद अब महाविकास आघाडी (Maha Vikas Aghadi) के नेताओं ने 29 सितंबर को एक अहम बैठक करने का फैसला किया है। यह बैठक आघाडी के किंगमेकर और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar ) की अगुवाई में होगी। इसमें शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, विरोधी पक्ष के नेता अजीत पवार, एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले, कांग्रेस विधायक दल के नेता बालासाहेब थोरात और पूर्व सीएम अशोक चव्हाण समेत अन्य कई अहम नेता भाग लेंगे। राज्य में महाविकास आघाडी सरकार के पतन के बाद इन नेताओं की यह पहली बड़ी बैठक होगी। इस बात की जानकारी थोरात ने दी है। 

    सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में शरद पवार आघाडी के लिए आगे के रोडमैप को लेकर नेताओं का मार्गदर्शन करेंगे। महाराष्ट्र की सत्ता से बेदखल होने के बाद आघाडी नेताओं में मायूसी है। ऐसे में शरद पवार की कोशिश इस मायूसी को दूर कर नई जान फूंकने की होगी, ताकि आघाडी फिर से बाउंस बैक कर सके।        

    स्थानीय निकाय चुनाव की पहली चुनौती

    महाविकास आघाडी के सामने पहली बड़ी चुनौती आने वाले दिनों में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव की है। इस चुनाव में बीजेपी, शिंदे गुट के साथ मिलकर आघाडी का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। आघाडी के लिए यह पहली बड़ी परीक्षा होगी। अगर इन चुनावों में आघाडी, शिंदे गुट और बीजेपी पर भारी पड़ती है, उनका हौसला बढ़ेगा। वहीं यदि पासा पलट जाता है तो आघाडी में बिगाड़ी बढ़ सकती है।  इन चुनावों में सबसे अहम मुंबई में बीएमसी का चुनाव होगा। बीजेपी की कोशिश बीएमसी की सत्ता से शिवसेना को हटाकर अपना वर्चस्व कायम करने की है। इसके लिए उन्होंने शिंदे गुट के अलावा राज ठाकरे को अपने साथ खड़ा करने की रणनीति तैयार की है।

    कई प्रमुख नेता जेल में

    आघाडी के कई प्रमुख नेता जेल में हैं। इनमें पूर्व कैबिनेट मंत्री नवाब मालिक और अनिल देशमुख के अलावा शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत शामिल है। वहीं कई अन्य नेताओं के भी जांच एजेंसियों के रडार पर होने की बात कही जा रही है। ऐसे में आघाडी की बैठक में जांच एजेंसियों का मुकाबला करने को लेकर भी शरद पवार का मार्गदर्शन अहम होगा।