Malegaon Bomb Blast Case
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मुंबई: साल 2008 में मालेगांव (Malegaon) में हुए बम धमाके के मामले (Bomb Blast Case) में विशेष एनआईए अदालत (Special NIA Court) में चल रही है, जहां अब तक अभियोजन पक्ष के 31 गवाह अपने बयान से मुकर चुके हैं। भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर (BJP MP Pragya Thakur) इस मामले के आरोपियों में से एक हैं।

2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले में गुरुवार को एक और गवाह अभियोजन का साथ न देने के बाद होस्टाइल घोषित कर दिया गया। जब महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक ब्यूरो (एटीएस) मामले की जांच कर रही थी, तब उस वक्त गवाह ने शुरू में सीआरपीसी की धारा 161 और 164 के तहत बयान दिए थे।

अब तक 31वां गवाह मुकरा

अब यह गवाह एक-एक कर अपने बयान से मुकर रहे हैं। दो सप्ताह में दो गवाह बयान से मुकर गए। उन्हें होस्टाइल करार दिया गया है। यह 31वां गवाह है। गुरुवार को जो व्यक्ति अपने बयान से मुकर उसने साल 2008 में आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित और सुधाकर चतुर्वेदी के बारे में आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) को बयान दिया था।

एटीएस को दिया बयान याद नहीं

उसने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत को बताया था कि उसे वह बयान याद नहीं है, जो उसने पहले की जांच एजेंसी एटीएस को दिया था। 29 सितंबर 2008 को मालेगांव के एक मस्जिद के पास मोटरसाइकिल में हुए विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक घायल हो गए थे।

आरोपियों में सांसद ठाकुर शामिल

इस मामले के आरोपियों में लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर, मेजर रमेश उपाध्याय (सेवानिवृत्त), अजय रहीरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी शामिल हैं।