महाराष्ट्र पर मच्छरों का अटैक !, बारिश बनी आफत

    – सूरज पांडे

    मुंबई :  इस वर्ष मुंबई (Mumbai) सहित महाराष्ट्र (Maharashtra) में रह रहे लोगों पर मच्छरों (Mosquitoes) का अटैक जारी है। जिस चिकनगुनिया (Chikungunya) के वर्ष 2018 में 1026 मामले थे, इस वर्ष अबतक 1834 मामले रिपोर्ट हो चुके हैं। यानी केसेस में 78 फीसदी का इजाफा हुआ है। डॉक्टरों की माने तो हर साल डेंगू, मलेरिया के मामले बड़ी संख्या में आते हैं, लेकिन चिकनगुनिया ने कमबैक किया है।

    राज्य में मच्छर जनित रोग इस वर्ष काफी प्रबल हो गए है। विशेषज्ञओं की माने इसका सबसे बड़ा कारण लंबी चली बरसात तो है ही, इसके अलावा प्रशासन को इसे कंट्रोल करने में जितनी सक्रियता दिखानी चाहिए उसमें कही न कहीं कमी रह गई है। वॉकहार्ट अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. संतोष बनसोड ने बताया सप्ताह भर मैंने 3 से 4 चिकनगुनिया के केसेस देखे हैं। पहले सालभर में एक या दो मरीज दिखते थे, लेकिन इस बार काफी केसेस देखने को मिला है। इसके अलावा डेंगू के मामलों में काफी वृद्धि हुई है। इस यह लग रहा है कि मच्छरों को नष्ट करने में कही न कहीं प्रशासन कुछ हद्द तक असफल है। 

    बीमारी के लक्षण होने पर तुरंत जांच करवाएं

    स्टेट सर्विलांस ऑफिसर डॉ. प्रदीप आवटे ने कहा आंकड़े साफ दर्शातें है कि डेंगू और चिकगुनिया के मामलों में वृद्धि हुई है। लंबी बारिश एक वजह है, लेकिन हम यह बहाना बता पल्ला नहीं झाड़ सकते हैं। प्रशासन और जनता दोनों के समन्वय से इस समस्या को काफी हद्द तक कंट्रोल किया जाता है। लोग साफ-सफाई का ध्यान दें, जलजमाव न करें। प्रशासन का सहयोग करें और बीमारी के लक्षण होने पर तुरंत जांच करवाएं ।

    आमतौर 25 सितंबर तक मॉनसून चला जाता है, लेकिन वर्ष हम अभी अच्छी बारिश होते देख रहे हैं। यही कारण है कि मच्छरों को पन्नपने के लिए अनुकूल वातावरण मिल रहा है। मुंबई सहित राज्य में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले देखने को मिल रहे हैं। हो सकता है कि आगने वाले दिनों में मामले कम हो, लेकिन लोगों सावधानी बरतने की जरूरत है। ठंड के साथ बुखार, जोड़ो में दर्द, बदन दर्द आदि की शिकायत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर जांच करवाएं।

    -डॉ. ओम श्रीवास्तव, संक्रामक रोग विशेषज्ञ, जसलोक अस्पताल

    मैंने मेरे इतने साल के प्रैक्टिस में चिकनगुनिया के इतने मामले नहीं देखे जितने इस वर्ष देखने को मिले हैं, हालांकि मरीजों सौम्य लक्षण के साथ आ रहे हैं, लेकिन डेंगू के काफी कॉम्प्लिकेटेड केसेस देखे गए हैं। लोगों को सही समय पर लक्षणों की पहचानकर जांच करवानी चाहिए ताकि समय पर निदान और उपचार से रिकवरी काफी अच्छी होती है।

    -डॉ. मंजूषा अग्रवाल, वरिष्ठ कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, ग्लोबल अस्पताल

    डेंगू, मलेरिया ने ली 24 की बलि

    राज्य में डेंगू से ग्रसित होने के कारण 22 और मलेरिया के कारण 2 यानी कुल 24 मौत हो चुकी है। इसमें से 3 डेंगू की मौत मुंबई में दर्ज की गई है।

    इस बार बरसात काफी लंबी चली है, मच्छर जनित रोग से ग्रस्त होने वालों की संख्या में थोड़ा इजाफा भी हुआ है, लेकिन कीटनाशक विभाग और हेल्थ डिपार्टमेंट दोनों ही अलर्ट मोड पर हैं। एक्शन लिए जा रहे हैं।

    - सुरेश काकानी, अतिरिक्त मनपा आयुक्त

    राज्य के आंकड़े

    बीमारी     2018    2021 (13 अक्टूबर तक)
    डेंगू    11038   8972
    मलेरिया  10757     10836
    चिकनगुनिया  1026   1834

     

    मुंबई के आंकड़े   

    बीमारी   2019    2021 (10 अक्टूबर)
    डेंगू   920    573
    मलेरिया  4357  4172 
    चिकनगुनिया   0 0   30