Stone Pelting at Ram Navmi Julus, Malvani
File Photo: ANI

Loading

मुंबई. मुंबई के मलाड (पश्चिम) उपनगर के मालवानी इलाके में रामनवमी के जुलूस पर पथराव करने के मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि तनाव बृहस्पतिवार की रात उस समय शुरू हुआ जब रामनवमी का जुलूस मालवानी इलाके में मस्जिद के नजदीक से गुजर रहा था और तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर विवाद हुआ। उन्होंने बताया कि मामले में 300 ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ मालवानी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्राथमिकी के अनुसार बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठनों द्वारा आयोजित राम नवमी जुलूस में छह हजार से अधिक लोग शामिल थे। उन्होंने बताया कि जुलूस राम जानकी मंदिर से बृहस्पतिवार को दोपहर बाद शुरू हुआ।

स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि शाम सात बजकर करीब 25 मिनट पर जुलूस जामा मस्जिद की ओर बढ़ रहा था तभी 100 से 150 लोगों ने कथित तौर पर तेज आवाज में बज रहे संगीत पर मस्जिद में नमाज पढ़ी जाने का हवाला देते हुए आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि संगीत की आवाज नहीं कम की गई और कुछ लोगों ने नारेबाजी की जिसके बाद संगीत बजाने पर आपत्ति कर रहे लोगों में से एक ने कथित तौर पर जुलूस पर पत्थर चला दिया जो जुलूस में शामिल एक व्यक्ति को लगा।

उन्होंने बताया कि जुलूस की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने पत्थर चलाने वाले को तुरंत हिरासत में ले लिया। प्राथमिकी के मुताबिक रात आठ बजकर करीब 45 मिनट पर जुलूस जब अली हजरत मस्जिद के नजदीक पहुंचा तब करीब 200 से 250 लोगों ने उसपर पथराव शुरू कर दिया। प्राथमिकी के अनुसार पुलिस कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की तब भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस कर्मियों पर भी पथराव की और कुछ पुलिस कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया।

इससे पहले पुलिस ने बताया था कि जुलूस में शामिल लोगों की एक अन्य समूह के साथ ‘झड़प’हुई थी लेकिन प्राथमिकी में उक्त घटना का उल्लेख नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, हालात पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया और पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए ‘हल्का बल’ प्रयोग किया। उन्होंने बताया कि घटना के बाद देर रात दक्षिणपंथी संगठन के समर्थक मालवानी पुलिस थाने के सामने जमा हो गए और पथराव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कुछ स्थानीय राजनीतिक नेता मौके पर पहुंचे और लोगों से शांति की अपील की। उन्होंने बताया कि मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा-353 (सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी को उसके काम से रोकने के लिए हमला या आपरधिक बल का इस्तेमाल), धारा-324 (खतरनाक हथियार से घायल करना या ऐसी मंशा रखना), धारा- 147 (दंगा करने), धारा-145 (अवैध तरीके से जमा हुई भीड़ में शामिल होना) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस उपायुक्त अजय बंसल ने बताया, “जुलूस के दौरान निगरानी के लिए तैनात ड्रोन और वहां लगे सीसीटी फुटेज के जरिये उन उपद्रवियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है जिन्होंने आयोजन के दौरान तनाव पैदा करने की कोशिश की।”

उन्होंने बताया कि मामले में और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। बंसल ने बताया कि इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है और स्थिति नियंत्रण में हैं। उन्होंने लोगों से शांति कायम रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की। (एजेंसी)