Nawab Malik's interim application rejected in the habeas corpus petition
नवाब मलिक (File Photo-ANI Twitter)

    मुंबई: महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक (Nawab Malik ) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपने आरोप पत्र (Charge Sheet) में कहा कि नवाब मलिक के दोनों बेटों और पत्नी को पूछताछ के लिए कई बार समन (Summons) भेजकर बुलाया गया, लेकिन उनमें से कोई भी धनशोधन मामले में पेश नहीं हुआ। 

    ईडी द्वारा बुधवार की सुबह दायर चार्जशीट में बताया गया कि नवाब मलिक की पत्नी महजबीन मलिक को दो बार समन किया गया था,जबकि उनके बेटे फराज मलिक और आमिर मलिक को भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 5 बार समन किया गया, लेकिन उनमें से कोई भी ईडी के सामने पेश नहीं हुआ। 

     विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष आरोप पत्र दायर

    ईडी के अनुसार, नवाब मलिक का परिवार जांच में किसी तरह से कोई सहयोग नहीं कर रहा है, जबकि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इनका भी अहम रोल है।  प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में नवाब मलिक के खिलाफ की गई जांच के मुताबिक, मंगलवार को पता चला कि नवाब मलिक के भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी के साथ लंबे समय से संबंध हैं। ईडी ने मुंबई में विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष आरोप पत्र दायर किया है।

    हसीना पारकर का बॉडीगार्ड एनसीपी का कार्यकर्ता

    एनसीपी नेता और अल्पसंख्यक मंत्री नवाब मलिक ने ईडी के समक्ष एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। मलिक ने बताया कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर के पास बतौर बॉडीगार्ड और ड्राइवर काम करने वाला सलीम पटेल एनसीपी का कार्यकर्ता है। नवाब मलिक फिलहाल ईडी की हिरासत में है। ईडी ने नवाब मलिक का जवाब दर्ज कर लिया है। मलिक ने इस बात को भी स्वीकार किया कि मैं सलीम पटेल को 2002 से जानता हूं, वह एनसीपी कार्यकर्ता है और वह तत्कालीन एनसीपी मुंबई अध्यक्ष चंद्रकांत त्रिपाठी के नेतृत्व में काम कर रहा था।