मालाड में निर्भया दस्ते पर हमला, 2 महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज

    मुंबई: राज्य भर में महिलाओं की सुरक्षा के लिए निर्भया दस्ते (Nirbhaya Squad) का गठन किया गया है। मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए शहर के विभिन्न इलाकों में निर्भया दस्ते को तैनात किया है। मालाड (Malad) में निर्भया दस्ते पर हमला किया गया। पुलिस (Police) ने दो महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज (Case Registered) किया है। इस हमले को सिर्फ दो महिलाओं ने अंजाम दिया था।

    मलाड में बुधवार की शाम महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात थी। इस दौरान दौरान 2 महिलाओं ने महिला ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को टक्कर मार दिया। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के पुलिस कंट्रोल को फोन पर मलाड पुलिस स्टेशन का निर्भया दस्ता मौके पर पहुंचा। इस दौरान महिलाओं ने निर्भया दस्ते की गाड़ी में सवार महिला अधिकारियों को गाली-गलौज और मारपीट करना शुरू कर दिया।

    मलाड पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज

    मलाड पुलिस ने दोनों महिलाओं पर सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट और काम में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी महिलाओं की पहचान मलाड के पोद्दार पार्क में रहने वाली शिवानी केडिया और लक्ष्मी केडिया के रूप में हुई है।

    साकीनाका कांड के बाद निर्भया दस्ते का गठन

    मुंबई पुलिस आयुक्त हेमंत नगराले ने साकीनाका में महिला के साथ हुए बलात्कार और हत्या के बाद मुंबई के हर पुलिस स्टेशन में ‘निर्भया दस्ते’ के गठन का आदेश दिया। पुलिस स्टेशन में तैनात मोबाइल वैन में से एक मोबाइल वैन निर्भया दस्ते के लिए तैनात किया गया है। इसके साथ ही सभी पुलिस स्टेशनों में ‘महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ’ स्थापित की गयी।

    एसीपी निर्भया दस्ते का नोडल अधिकारी

    एक महिला एसीपी या महिला पुलिस निरीक्षक स्तर की अधिकारी को मुंबई के प्रत्येक मंडल में निर्भया दस्ते का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। निर्भया दस्ते के लिए प्रत्येक पुलिस स्टेशन में एक विशेष डायरी रखी गयी है, जिसमें हर विवरण अलग से मौजूद रहता है। इसी समय-समय पर नोडल अधिकारी जांच करते हैं।