पवई-विहार झील के पास बन रहे साइकिल ट्रैक का विरोध: आप

    मुंबई : आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे (Environment Minister Aditya Thackeray) की अगुवाई में पवई-विहार (Powai-Vihar Lake) के जंगलों में बनाए जा रहे साइकिल ट्रैक (Cycle Track) का तीखा विरोध किया है और कहा है कि पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे का पर्यावरण प्रेम महज एक दिखावा है क्योंकि जिस साइकिल ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है उसके लिए न तो परमिशन ली गई और न ही इसका पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव का कोई अध्ययन किया गया है।

     एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आम आदमी पार्टी की प्रीति शर्मा मेनन (Preeti Sharma Menon) ने कहा कि जिस तेजी के साथ और गुपचुप तरीके से इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा रहा है उससे यह पूरी परियोजना रहस्य के घेरे में है और इसलिए मुनासिब यही होगा कि इसके पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन होने तक इसके निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए।

    परियोजना कई सवाल खड़े करती है

    प्रीति मेनन ने कहा कि आदित्य ठाकरे और बीएमसी के इरादों को लेकर यह परियोजना कई सवाल खड़े करती है क्योंकि बार-बार स्पष्टीकरण मांगने के बावजूद, बीएमसी की ओर से कोई भी स्पष्टीकरण नहीं दिया जा रहा है। बीएमसी यह नहीं बताना चाहती कि कब और कैसे इस परियोजना को मंजूरी दी गई और बिना किसी निर्णायक पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन के निर्माण को जारी रखा और प्रसिद्ध पर्यावरणविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के चल रहे विरोधों को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि यह और भी निराशाजनक है कि इस पर्यावरण विरोधी परियोजना को हमारे पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे द्वारा आक्रामक रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पवई-विहार झीलों का पारिस्थितिकी तंत्र अत्यंत नाजुक है जिसमें वनस्पति और जीव अनुसूची 1 वन्यजीव प्रजातियां जैसे भारतीय मगरमच्छ, कछुए, और विभिन्न अन्य प्रजातियां हैं और इन्हें हर कीमत पर संरक्षित करने की आवश्यकता है।

    प्रोजेक्ट क्यों गोपनीय रखा गया

    आम आदमी पार्टी मुंबई के कार्यकारी अध्यक्ष रूबेन मस्कारेनहास ने कहा कि हमारा सवाल यह है कि साइकिल ट्रैक का पूरा प्रोजेक्ट क्यों गोपनीय रखा गया है?  बीएमसी या राज्य सरकार की वेबसाइट पर शामिल अधिकारियों, परियोजना के निर्णय लेने और निष्पादन प्रक्रिया के बारे में कोई सरकारी अधिसूचना क्यों नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी टीम जब महानगरपालिका के स्पेशल प्रोजेक्ट के कमिश्नर से मुलाकात करने गई तो उन्होंने कुछ भी जानकारी देने से मना कर दिया।