Parambir Singh approaches Mumbai court, appeals for cancellation of court proclamation order against him
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    मुंबई. राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) के खिलाफ भ्रष्टाचार (Corruption) के मामले में चांदीवाल जांच आयोग के समक्ष मुंबई (Mumbai) के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह (Former Police Commissioner Parambir Singh) हाजिर नहीं हुए। आयोग ने इसको लेकर सिंह के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने कहा कि अगली सुनवाई से सिंह हाजिर नहीं हुए तो उनके खिलाफ वारंट (Warrant) जारी किया जाएगा।

    मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिख कर अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपए वसूलने का गंभीर आरोप लगाया है। हाईकोर्ट ने मामले में दायर याचिका की सीबीआई जांच का भी निर्देश दिया है। राज्य सरकार ने बांबे हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश चांदीवाल की अध्यक्षता में जांच आयोग के माध्यम से आरोपों की समानांतर न्यायिक जांच शुरू की है। जांच आयोग ने सिंह को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था।

    7 सितंबर तक सुनवाई स्थगित

    बिना हलफनामा दाखिल किए जांच से लगातार अनुपस्थित रहने पर आयोग ने परमबीर पर 5 हजार रुपए, 19 अगस्त को 25 हजार रुपए और 25 अगस्त को दोबारा 25 रुपए का जुर्माना लगाया था। आयोग ने सिंह को मुख्यमंत्री कोरोना राहत कोष में राशि जमा कराने के निर्देश दिया था और 30 अगस्त को सुनवाई तय की गई थी। सोमवार की सुनवाई के दौरान परमबीर की अनुपस्थिति से आयोग काफी नाराज हुआ और सुनवाई 7 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी। आयोग ने कहा कि परमबीर सिंह के अगली सुनवाई से अनुपस्थित रहने पर वारंट जारी किया जाएगा।

    बांबे हाई कोर्ट में चुनौती

    परमबीर सिंह ने 5 जुलाई को जांच समिति की रजिस्ट्री में एक आवेदन जमा कर उनसे पूछताछ से अनुपस्थित रहने का अनुरोध किया था। 30 जुलाई को आयोग ने परमबीर सिंह के आवेदन को खारिज कर दिया और उन्हें 6 अगस्त को आयोग के सामने पेश होने का निर्देश दिया। इस फैसले को परमबीर सिंह ने बांबे हाई कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में परमबीर ने यह भी दावा किया है कि चांदीवाल समिति द्वारा स्वतंत्र जांच की सिफारिश उचित नहीं है, क्योंकि इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई है।