Rajni-Patil

    मुंबई. राज्यसभा उपचुनाव (Rajya Sabha Bypoll) के लिए भाजपा उम्मीदवार संजय उपाध्याय (BJP Candidate Sanjay Upadhyay) ने पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर अपना नामांकन (Nomination) वापस ले लिया है। जिससे कांग्रेस (Congress)नेता रजनी पाटिल (Rajni Patil) के राज्यसभा जाने का रास्ता साफ हो गया है।  भाजपा ने कांग्रेस के साथ किए गए वादे को निभाया है। पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले (State Congress President Nana Patole) और राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात (Revenue Minister Balasaheb Thorat) ने राज्यसभा उपचुनाव निर्विरोध कराने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस (Former Chief Minister and Leader of Opposition Devendra Fadnavis) से मुलाकात की थी। 

     कांग्रेस के नेताओं ने फडणवीस  से मुलाकात के दौरान उन्हें महाराष्ट्र की परंपरा की याद दिलाई थी और उन्होंने उपचुनाव में अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का अनुरोध किया था। उस समय  देवेंद्र फडणवीस  ने आश्वस्त किया था कि पार्टी की कोर कमिटी में चर्चा के बाद इस संदर्भ में  निर्णय लिया जाएगा। 

    भाजपा ने निभाया वादा

    कांग्रेस से किए गए वादे के तहत  भाजपा ने उम्मीदवारी वापस लेने का फैसला किया। भाजपा ने उपचुनाव के लिए पार्टी के मुंबई महासचिव संजय उपाध्याय को मैदान में उतारा था। कांग्रेस सांसद राजीव सातव के निधन के बाद महाराष्ट्र से राज्यसभा की एक सीट खाली हुई है। जिसके लिए उप चुनाव कराया जा रहा है। इस सीट से महाविकास अघाड़ी ने कांग्रेस की रजनी पाटिल को प्रत्याशी बनाया है।

    राज्यसभा उपचुनाव निर्विरोध कराए जाने को लेकर कांग्रेस पार्टी ने भाजपा से नामांकन पत्र वापस लेने की अपील की थी। जिस पर पार्टी की कोर कमिटी के सदस्यों से विचार विमर्श के बाद नामांकन पत्र वापस लेने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत संजय उपाध्याय ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया है। निर्विरोध निर्वाचित रजनी पाटिल का अभिनंदन।

    -चंद्रकांत पाटिल, अध्यक्ष, भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश