Resident Doctors Strike

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नवभारत न्यूज नेटवर्क
मुंबई: मुंबई सहित राज्य में दूसरे दिन भी रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। अपनी मांगों को लेकर मार्ड के रेजीडेंटर डॉक्टरों ने शुक्रवार को जेजे हॉस्पिटल के सामने धरना प्रदर्शन किया। इससे सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों और उनके अभिभावक परेशान हैं। राज्य के प्रमुख सरकारी अस्पताल जेजे में मरीजों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठन मार्ड ने कहा कि हमारी विभिन्न को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों की संस्था मार्ड के अध्यक्ष डॉ अभिजीत हेल्गे ने कहा कि हमारे धैर्य की सीमा अब नहीं रही। इसलिए अपनी मांगों को सरकार से मनवाने के लिए हड़ताल ही एक विकल्प बचा था। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ 7 फरवरी को जो समझौता हुआ था, उस पर अभी तक कोई अमल नहीं किया गया। इससे डॉक्टरों की चिंता ज्यादा बढ़ गई है। डॉ हेल्गे के अनुसार अब जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। 
 
बदतर स्थिति में मेडिकल स्टूडेंट
धरना दे रहे हड़ताली डॉक्टरों ने कहा कि हम किन मुश्किलों में हॉस्टल में रहते हैं, हर कोई जानता है। जब हमारे रहने की व्यवस्था ही ठीक से नहीं होगी, ऐसे में मरीजों का इलाज कैसे करेंगे। हम एक-एक कमरे में कई स्टूडेंट रहते हैं। काफी मुश्किलों में जीवन यापन कर रहे हैं। दूसरी तरफ जेजे हॉस्पिटल में मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं अभी जारी हैं और ज्यादातर मरीज इलाज करा रहे हैं, लेकिन परिजनों का कहना है कि यदि हड़ताल लंबी खिची तो हमें अपने मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने पर विचार करना पड़ेगा। 
 
 
 
बैठक फिर रही बेनतीजा
उधर राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों के एमएआरडी प्रतिनिधियों के साथ शुक्रवार को एमईडीडी के मंत्री के साथ बैठक हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बैठक में फिर सिर्फ मौखिक आश्वासन ही दिए गए और मंत्री ने हड़ताल वापस लेने के लिए कहा। लेकिन सेंट्रल मार्ड ने मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने की का फैसला किया है। सेंट्रल मार्ड के अनुसार बार-बार झूठे आश्वासन ही मिलते हैं। हमें इस बार लिखित और ठोस जवाब चाहिए। मार्ड के अनुसार इससे रेजीडेंट डॉक्टरों में अविश्वास की भावना पनप रही है। 

 
स्थिति सामान्य होने का दावा
दूसरी तरफ जेजे अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि हॉस्पिटल का रूटीन कार्य हर दिन की तरह शुक्रवार को भी जारी रहा और ओपीडी भी रेगुलर रही। अस्पताल की ओर से कहा गया है कि इमरजेंसी सेवाएं रेजीडेंट डॉ संभाल रहे हैं, जिससे मरीजों को परेशानी नहीं हुई। अस्पताल ने शुक्रवार को विभिन्न आंकड़े प्रस्तुत कर स्थिति को सामान्य बताया है। 
 
– शुक्रवार के आंकड़े
* कुल ओपीडी पेशेंट- 1842
*आईपीडी पेशेंट- 64
* माइनर सर्जरी- 45
* मेजर सर्जरी- 51
*कुल सर्जरी- 96