Nawab Malik filed a reply in the court on the defamation case, said- the case should be dismissed as it's not maintainable
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    मुंबई : शाहरुख खान (Shahrukh Khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) की गिरफ्तारी (Arrest) के बाद से विवाद (Controversy) में आए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (Narcotics Control Bureau) आधिकारी समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) ने दो शादी की है। उनकी पहली पत्नी मुस्लिम थी, जबकि दूसरी हिन्दू है।

    अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री (Minority Welfare Minister) नवाब मलिक (Nawab Malik) ने दोनों विवाह का फोटो सोशल मीडिया (Social Media) पर जारी किया है। जिसको लेकर चर्चाओं (Discussions) का बाजार गर्म है। हालांकि समीर वानखेड़े की अभिनेत्री पत्नी सहित पूरा परिवार वानखेड़े के साथ है। एनसीबी अधिकारी ने निजी जिंदगी में दखल देने को लेकर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

    वर्ष  2008 बैच के आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि वे एक धर्मनिरपेक्ष बहुधर्मी परिवार से आते हैं। जो एक सच्ची भारतीय संस्कृति है और मैं अपनी विरासत पर गर्व करता हूं। मैं यह बताना चाहता हूं कि मेरे पिता ज्ञानदेव कचरूजी वानखेड़े एक रिटायर्ड अधिकारी हैं। मेरे पिता हिंदू हैं जबकि मां जाहिदा मुस्लिम थी। वानखेड़े ने अपनी दो शादियों का जिक्र भी विज्ञप्ति में किया है। समीर वानखेड़े ने बताया कि उन्होंने पहली शादी 2006 में डॉ. शबाना कुरैशी से की थी। यह शादी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर्ड थी। हमने 2016 में आपसी सहमति से तलाक ले लिया। वर्ष 2017 में मैंने क्रांति दीनानाथ रेडकर से शादी की।

    समीर वानखेड़े ने रखा अपना पक्ष

    हमारे पति जन्म से हिंदू 

    एनसीपी नेता नवाब मलिक के आरोपों  का जवाब वानखेड़े की अभिनेत्री पत्नी क्रांति रेडकर ने दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मैं और मेरे पति समीर जन्म से हिंदू हैं। हमने कभी कोई दूसरा धर्म नहीं अपनाया। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। समीर के पिता ने भी मेरी मुस्लिम सास से शादी की थी, जो अब नहीं हैं। समीर की पहले वाली शादी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत हुई थी। 2016 में उनका तलाक हो गया। हमारी शादी हिंदू विवाह अधिनियम के तहत हुई है।

    कानूनी लड़ाई जारी रखूंगा

    हमारी जाति के बारे में ऐसी घटिया बातें कही जा रही हैं, जिसका ड्रग्स केस से कोई लेना-देना नहीं है। इस मामले में मेरी मृत मां का भी नाम घसीटा जा रहा है। किसी को भी मेरी जाति और धर्म के बारे में सच जानना है तो वह मेरे पैतृक गांव जाकर मेरे दादा-परदादा के बारे में सच जान सकता है। मैं इस सब के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखूंगा।

    - समीर वानखड़े, जोनल डायरेक्टर, एनसीबी