Aarey
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  • प्रदर्शनकारियों को सभी केस से मिला छुटकारा

मुंबई. मेट्रो-3 परियोजना (Metro-3 Project) के लिए बनाए जाने वाले कारशेड को लेकर पर्यावरण रक्षकों की तरफ से जम कर प्रदर्शन किया गया था। ‘आरे बचाओ’  (Save Aarey) बैनर के तले पेड़ काटने से रोकने के लिए चलाए गए आंदोलन (Protest) में शिवसेना (Shiv Sena) भी कूद गई थी। बीजेपी सरकार (BJP Govt.) के कार्यकाल में प्रदर्शन करने वाले 29 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस (Police) ने केस दर्ज किया था, जिसे राज्य सरकार ने गुरुवार को वापस ले लिया।

पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे (Environment Minister Aditya Thackeray) ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। ठाकरे ने ट्वीट में कहा कि आरे में कारशेड बनाने के खिलाफ अक्टूबर 2019 में हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद 200 प्रदर्शनकारी आरे में जमा हो गए थे। पुलिस ने 38 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था जिनमें से 29 को गिरफ्तार किया गया था। प्रदर्शनकारियों पर भादिवि की धरा 553, 532, 143 के तहत केस दर्ज किया गया था। हाईकोर्ट के आदेश के 40 घंटे के भीतर 2141 पेड़ काट दिए गए थे। महाविकास अघाडी सरकार आने के बाद राज्य सरकार ने पहला निर्णय आरे कारशेड पर रोक लगा कर लिया था। 

 

शिवसेना इसे ‘कर के दिखाया’ के तौर पर पेश कर रही है

अब बीएमसी चुनाव से पूर्व आंदोलनकारियों पर दर्ज मामले भी सरकार ने वापस ले लिए हैं। शिवसेना इसे ‘कर के दिखाया’ के तौर पर पेश कर रही है। ठाकरे ने कहा कि आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज केस को कोर्ट में पूरी तरह से वापस ले लिया गया है। हम महाविकास अघाडी का धन्यवाद करते हैँ जो आरे का जंगल बचाने में साथ दिया। आदित्य ठाकरे ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, बाला साहेब थोरात और दिलीप वलसे पाटिल का शुक्रिया अदा किया है।