Bhavna Gawali

    मुंबई. राज्य की महा विकास आघाडी की सरकार के कई नेताओं और मंत्रियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा कसता जा रहा है। इनमें वाशिम (Washim) से शिवसेना सांसद भावना गवली (Shiv Sena MP Bhavna Gawli) का नाम भी शामिल है। ईडी ने गवली की संस्था से जुड़े एक कर्मचारी से कई घंटे तक पूछताछ की। ईडी ने 30 अगस्त को भावना गवली के 5 संस्थानों पर छापा मारा था।

    ईडी ने पहले सांसद भावना गवली के एक संस्था के दो कर्मचारियों को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए थे। सोमवार को भावना गवली की संस्था का कर्मचारी फारूक जौहर ईडी की दफ्तर में हाजिर हुआ। ईडी ने उसका बयान दर्ज किया है। ईडी जल्दी इस मामले में भावना गवली को समन भेज कर पूछताछ के लिए बुला सकती है। 

    55 करोड़ की फैक्ट्री को 25 लाख में खरीदने का आरोप

    किरीट सोमैया ने आरोप लगाया था कि सांसद भावना गवली ने 55 करोड़ रुपए की बालाजी पार्टिकल बार्ड फैक्ट्री 25 लाख रुपए में खरीदी थी। सोमैया ने इस संबंध में विभिन्न जांच एजेंसियों को लिखे पत्र में शिकायत दर्ज कराई थी। ईडी ने 30 अगस्त को भावना गवली के विभिन्न संगठनों पर छापेमारी की थी।

    5 संस्थाओं पर छापेमारी

    सांसद भावना गवली के यवतमाल के वाशिम में पांच संस्थानों पर ईडी ने छापेमारी की है। इससे पहले भाजपा ने भावना गवली पर 100 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था। 

    बीजेपी ने शुरू किया है अत्याचार

    ईडी की कार्रवाई पर बोलते हुए भावना गवली ने कहा था कि बीजेपी ने अत्याचार शुरू किया है। आप मेरी संस्था की जो भी जांच करना चाहते हैं करें, लेकिन शिवसेना इस अन्याय के खिलाफ लड़ने वाली पार्टी है। हम लड़े बिना नहीं रहेंगे।