metro 3 undergraund

    – सूर्यप्रकाश मिश्र

    मुंबई : कोलाबा-बांद्रा (Colaba-Bandra) से सीपज्ड तक बन रही मुंबई (Mumbai) की पहली अंडरग्राउंड (Underground) मेट्रो (Metro) 3 परियोजना (Project) के काम में लगातार देरी हो रही है। 33.5 किलोमीटर लंबी इस बहुउद्देश्यीय मेट्रो परियोजना का खर्च भी बढ़ता जा रहा है। कोरोना महामारी के चलते मेट्रो 3 का खर्च 87 करोड़ से ज्यादा बढ़ गया है। यह जानकारी एक आरटीआई के माध्यम से प्राप्त हुई है। उधर मेट्रो 3 परियोजना के लिए प्रस्तावित कांजुरमार्ग कारशेड निर्माण का फैसला नहीं हो पाया है।

    उल्लेखनीय है, कि जापान सरकार की मदद से निर्मित इस परियोजना पर पहले ही 18,400 करोड़ रुपयों से ज्यादा खर्च हो चुका है। मेट्रो 3 मार्ग पर 95% टनलिंग सहित लगभग 78 % काम पूरा हो चुका है। जबकि कारशेड का काम 5 प्रतिशत भी नहीं हुआ है। परियोजना का काम  मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड देख रही है।

    मेट्रो 3 की परियोजना में लगातार देरी की वजह से लागत बढ़ गई है। उल्लेखनीय है, कि शुरू में परियोजना की लागत 23,136 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जो बढ़कर लगभग 33,500 करोड़ रुपये हो गई है। कोरोना काल में भी लागत 87 करोड़ बढ़ गई। कांजुरमार्ग स्थित भूमि पर कानूनी गतिरोध को समाप्त कर परियोजना में तेजी लाने का रास्ता अब तक सरकार नहीं खोज सकी है। गोरेगांव पहाड़ी पर भी मेट्रो कारशेड बनाने का विकल्प तलाश किया जा रहा है।

    मुंबई की यह पहली अंडर ग्राउंड  मेट्रो है

    मेट्रो 3 मार्ग पर कुल 27 स्टेशन हैं, इनमें 26 स्टेशन अंडर ग्राउंड और 1 स्टेशन जमीन के ऊपर होगा। लगभग 78 प्रतिशत काम हो चुका है। यह मेट्रो लाइन वेस्टर्न को सेंट्रल लाइन से सीधे जोड़ेगी। कोलाबा-बांद्रा-सीपज्ड तक लगभग 33.50 किलोमीटर लंबी मुंबई की यह पहली अंडर ग्राउंड  मेट्रो है।

    परियोजना में और देरी होगी

    भूमिगत मेट्रो 3 कॉरिडोर के प्रोटोटाइप रेक के लिए ट्रायल रन की योजना अगले साल की शुरुआत में बनाई जा रही है। राज्य सरकार ने मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के टेस्ट रन प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। ट्रायल रन मरोल-मरोशी  भूमिगत मार्ग पर होगा, जो आरे ग्रीन बेल्ट के बाहर है। पहली अंडर ग्राउंड मेट्रो को दो चरणों में शुरू किए जाने की योजना है। हालांकि कारशेड विवाद के चलते परियोजना में और देरी होगी।