Hackers from Malaysia and Indonesia hacked 2000 websites, cyber attack on Nupur Sharma's statement

  • साइबर पुलिस स्टेशन से मिली मदद

नागपुर. एक महिला ने न तो किसी को अपने खाते की जानकारी दी, न कोई ओटीपी बताया. बावजूद इसके खाते से 1.16 लाख रुपये उड़ा लिए गए. साइबर पुलिस स्टेशन ने महिला की सहायता की, और खाते में रकम वापस आ गई. भानखेड़ा निवासी आरती शेखर साखरे ने काट-कसर करके अपना घर बनवाने के लिए बचत खाते में थोड़ी-थोड़ी रकम जमा की थी. विगत 17 नवंबर को 50,000 रुपये निकालने बैंक पहुंची तो पता चला कि खाते में केवल 500 रुपये शेष है.

आरती के पैरों तले जमीन खिसक गई. बैंक मैनेजर ने पुलिस से शिकायत करने को कहा. पीड़िता ने साइबर पुलिस स्टेशन को शिकायत दी. 24 मार्च 2019 से 31 मार्च 2020 के बीच 12 बार उनके खाते से ट्रांजक्श्न करके 1.16 लाख रुपये उड़ाए जाने का पता चला.

पुलिस ने बैंक से जानकारी इकट्ठा की. आरती ने किसी के साथ अपने बैंक खाते से जुड़ी जानकारी शेयर नहीं की थी. न वो ऑनलाइन बैंकिंग जानती है. ऐसे में खाते से रकम जाना आश्चर्य की बात थी.

पुलिस ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के लोकपाल से शिकायत करने की सलाह दी. कानूनी प्रावधान के तहत शुक्रवार को आरती के खाते में 1.16 लाख रुपये वापस जमा करवाए गए. इंस्पेक्टर अशोक बागुल, एपीआई पुनित कुलट, कांस्टेबल तुषार तिड़के और गजानन राजुरकर ने कार्रवाई को अंजाम दिया.