Ticket hall made indoor parking, railway workers ruining nation's property
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  • 7 महिलाएं, 2 युवती, 2 पुरुष और 4 बच्चों का समावेश
  • क्राइम ब्रांच और एटीएस की संयुक्त कार्रवाई

नागपुर. क्राइम ब्रांच और एटीएस ने मंगलवार रात गोपनीय अभियान को अंजाम देते हुए मानव तस्करी और देह व्यवसाय करवाने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया. रेलवे स्टेशन पर खोज अभियान चलाकर सभी को ट्रेन से दबोचा गया. बताया जाता है कि 2 बांगलादेशी युवती देह व्यवसाय के लिए, जबकि अन्य मजदूरी के लिए अवैध रूप से भारत में आए थे. हावड़ा से गुजरात जा रहे इस दल की जानकारी एटीएस को मिली थी. हालांकि इसके पीछे दलालों का बड़ा गिरोह शामिल है. हावड़ा और सूरत के दलालों का पता पुलिस लगा रही है. नागपुर एटीएस को जानकारी मिली थी कि कुछ महिला और पुरुष बच्चों के साथ हावड़ा से अहमदाबाद जाने वाली ट्रेन में सवार हुए है. सभी बांगलादेशी नागरिक है और अवैध तरीके से भारत में घुसे थे. एटीएस ने इसकी जानकारी सीपी अमितेश कुमार को दी. सीपी ने डीआईजी क्राइम सुनील फुलारी और डीसीपी चिन्मय पंडित को एटीएस के साथ मिलकर कार्रवाई करने के आदेश दिए. 

छानी गई पूरी गाड़ी 

संयुक्त दल ने डीसीपी चिन्मय पंडित के नेतृत्व में नागपुर रेलवे स्टेशन पर जाल बिछाया. पुलिस को जानकारी मिली थी कि महिलाएं इंजन के पिछले डिब्बे में सवार हुई है. उनके साथ 2 पुरुष भी है, जिसमें से 1 की तस्वीर भी पुलिस को मिल गई थी. रात 10 बजे ट्रेन नागपुर स्टेशन पर पहुंची. पुलिस ने बोगी की तलाशी ली तो कोई भी संदिग्ध नहीं मिला. ऐसे में अधिकारी-कर्मचारी भी परेशान हो गए. इसके बाद पूरी ट्रेन की जांच करने का निर्णय लिया गया. अलग-अलग टीम बनाकर पुलिस ने सभी बोगियां छान मारी. आखरी बोगी में पुलिस को संदिग्ध महिलाएं दिखाई दी. उनके साथ 2 पुरुष भी थे. पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया. जांच करने पर उनके पास सूरत का टिकट भी बरामद हुई. 

भारत में 2 दिन पहले घुसे 

पकड़े गए 15 लोगों में 4 बच्चे और 2 युवती भी शामिल थी. पुलिस सभी को क्राइम ब्रांच ले गई. पूछताछ करने पर पता चला कि सभी बांगलादेश के जशोर के रहने वाले हैं. किसी ने पैदल तो किसी ने नदी पार करके भारत में प्रवेश किया था. बांगलादेश के दलाल ने उन्हें हावड़ा के दलाल का नंबर दिया था. संपर्क करते ही दलाल उनसे मिलने के लिए पहुंचा. उसने सभी को 20-20 हजार रुपये दिए. साथ में सूरत के दलाल का नंबर भी दिया. सूरत का दलाल ही उन्हें कपड़े के कारखानों में कारीगरी का काम दिलवाने था. पुलिस ने दलालों के नंबर हासिल कर लिए है. जल्द ही उनकी तलाशी के लिए 2 दल सूरत और हावड़ा रवाना होने वाले है. 

मिले फर्जी आधार कार्ड 

पुलिस द्वारा पकड़े जाते ही सभी ने भारतीय होने का दावा किया. पहचानपत्र मांगने पर आधार कार्ड भी दिखा दिए. बाद में जांच करने पर आधार कार्ड फर्जी तरीके से बनाए जाने का पता चला. सभी आधार कार्ड हावड़ा में ही तैयार किए गए थे. महिलाओं को बताया गया था कि किसी भी तरह की पूछताछ होने पर दोनों पुरुषों को अपना पति बताने के लिए कहा गया था. इनमें से कुछ लोग पहले भी भारत में अवैध तरीके से प्रवेश कर चुके हैं. 

देह व्यवसाय के लिए 2 युवती 

पकड़ी गई दोनों युवतियां पहले भी भारत आ चुकी है. दोनों ने बताया कि इसके पहले भी दलालों के माध्यम से भारत में देह व्यवसाय का काम किया है. व्यवसाय ठप होने के कारण दोनों अपने देश लौट गई थी. पैसों की जरूरत होने के कारण दोनों ने दलालों से संपर्क किया. उन दोनों को भी सूरत का दलाल ही काम दिलाने वाला था. एक युवती इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुकी है लेकिन नौकरी नहीं मिलने के कारण देह व्यवसाय की दलदल में फंस गई.