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  • नौकरी दिलाने के नाम पर 9 युवाओं को लगाया गया चूना

नागपुर. नौकरी दिलाने के नाम पर 9 युवाओं को ठगने के बाद फरार हुए ठग रैकेट के 3 सदस्यों को क्राइम ब्रांच की ईओडब्ल्यु ने गिरफ्तार किया है. 2 टीमों ने एक साथ छापेमारी कर बीड़ और नागपुर से आरोपियों को गिरफ्तार किया. पकड़े गए आरोपियों में एलआईसी कॉलोनी, अंबेजोगाई, बीड़ निवासी लखन साहबराव जाधव, उषा लखन जाधव और भोले पेट्रोल पंप चौक निवासी जितेंद्र साहबारव जाधव उर्फ मेंडके का समावेश है.

मई 2017 में आरोपियों ने शहर के अनेक युवाओं को बीएसएनएल और आरटीओ में लिपिक और चपरासी पद पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया. जानकीनगर, काटोल निवासी विशाल माधवराव तायवाड़े (27) से आरोपियों ने 7 लाख रुपये लिए थे. उसके अलावा अन्य 8 बेरोजगार युवकों को भी 23.50 लाख रुपये का चूना लगाया गया. लंबे समय तक आरोपियों ने टालमटोल की.

युवाओं का दबाव बढ़ता देख आरोपियों ने सभी को अलग-अलग विभागों में विभिन्न पदों पर नौकरी मिलने का नियुक्ति पत्र दे दिया. जांच करने पर नियुक्तिपत्र फर्जी निकले. पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की और सीताबर्डी थाने में विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. प्रकरण पुलिस तक जाने की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गए.

धनबाद में छिपे थे तीनों

पिछले कुछ समय से आरोपियों के झारखंड के धनबाद जिले में होने की जानकारी पुलिस को मिली थी. इसी आधार पर आरोपियों के मोबाइल को सर्विलेन्स पर रखा गया. लखन और उषा के बीड़ और जितेंद्र के नागपुर आने की पुष्टि होते ही 2 टीमें तैयार की गई. एक साथ पुलिस ने दोनों जगहों पर छापे मारी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. उनसे फर्जी नियुक्ति पत्र और पीड़ित युवाओं से लिए गए शैक्षणिक दस्तावेज भी जब्त किए गए.

न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 26 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए है. पुलिस को संदेह है कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह है. आरोपियों के अन्य साथियों का पता लगाया जा रहा है. यदि और कोई युवा इन ठगों का शिकार हुआ है तो आर्थिक अपराध शाखा से संपर्क करे. डीआईजी सुनील फुलारी और डीसीपी विवेक मासाल के मार्गदर्शन में एपीआई भीमा नरके, पीएसआई स्नेहल राऊत, एएसाई सुरेंद्र सिरसाठ, कांस्टेबल भरत ठाकुर, राम निरगुडवार, भारती माड़े, सुनील मड़ावी और ज्वाला मेश्राम ने कार्रवाई को अंजाम दिया.