Thief had escaped from hospital during corona treatment in Thane, Maharashtra, was caught from Silvassa after seven months
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    नागपुर. 15 दिनों के भीतर गिट्टीखदान और बेलतरोड़ी थाना क्षेत्रों में देर रात हुई डकैती मामलों में शहर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी सफलता हासिल की और गैंग के 7 सदस्यों को दबोचा. इनमें से 3 आरोपी नागपुर शहर के हैं. बताया जा रहा है कि गैंग के 3 और सदस्यों की गिरफ्तारी संभव है. गिरफ्तार आरोपियों में 4 को मध्य प्रदेश के रायसेल जिले से पकड़ा गया.

    आरोपियों के नाम गुलगांव, तह. सांची, जिला रायसेन, मप्र निवासी गुरु उर्फ आकाश उर्फ गुज्जर उर्फ मोग्या चंगीराम गोसाई (21), मानिकपुर, जिला चित्रकुट, उप्र निवासी निर्मल रोशनलाल मोग्या (20) और रोहित उर्फ भगत रामदास भगत (24), धामरगुडा, जिला विदिशा, मप्र निवासी पिंट्या बब्बू मोग्या (19), म्हाड़ा क्वार्टर, कपिलनगर निवासी हरि श्रीराम आसोले, गोधनी निवासी संदेश रोकड़े और प्रवीण कानोले बताये गये हैं.

    पुलिस ने आरोपियों के पास से चौपहिया वाहन और 8 मोबाइल समेत 4.60 लाख रुपये का माल जब्त किया गया. वारदात का मुख्य आरोपी चंगीराम बताया जा रहा है. वह अभी अपने दूसरे बेटे और एक अन्य आरोपी के फरार है. 

     

    बन गया था दहशत का माहौल

    उल्लेखनीय है कि आरोपियों ने 29 नवंबर से 13 दिसंबर के बीच दाभा में 2 और शिवनगांव में रात 2 बजे से सुबह 5 बजे के बीच डकैती की 3 वारदातों को अंजाम दिया था. जिसमें दाभा में एक वृद्ध महिला के घर में घुसकर मारपीट और मंगलसूत्र व नकदी लेकर फरार हुए. इससे पहले इसी प्रकार मां-बेटे के घर में अकेले पाकर लूटा था. वहीं, बेलतरोड़ी थाना क्षेत्र में देर रात घर में घुसकर 32,000 रुपये की नकदी समेत करीब 81,000 रुपये का माल पति-पत्नी से लूट लिया था. 

     

    चाय की टपरी से करते थे रैकी

    शहर पुलिस आयुक्त ने बताया कि आरोपी बड़े ही शातिर तरीके रिहायशी इलाकों के आसपास बनी चाय की टपरियों पर बैठकर रेकी करते थे. 3-4 दिनों में समझ आने के बाद कि कौन से घर में कम लोग है, ये वहीं डकैती को अंजाम देते थे. सभी वारदातों ने पेचकस और कटर की मदद से मुख्य द्वार की कुंडी तोड़कर भीतर प्रवेश किया था. तब से ही शक था कि यह किसी एक गैंग का काम है. आरोपियों ने नागपुर ग्रामीण के उमरेड, कुही आदि जगहों पर भी इस प्रकार की डकैती करने का अंदेशा है. कार्रवाई जारी है. 

     

    रामझूला के नीचे प्लानिंग, CCTV में फंसा चंगीराम

    वारदातों के क्रम को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के भागने के लगभग सभी रास्तों पर लगे और प्राइवेट सीसीटीवी रिकॉर्डिंग खंगाली. इस दौरान रामझूले के पास से सीसीटीवी में रायसेन निवासी चंगीराम गोसाई दिखा. चंगीराम पुराना डकैत है. सूत्रों से अनुसार 2013 में दूर्गा चौक, कोराडी परिसर में हुई एक डकैती में भी उसे गिरफ्तार किया गया था. हालांकि पिछले कई वर्षों से वह नागपुर और आसपास के इलाकों में सक्रिय नहीं था. 

     

    फिंगर प्रिंट भी हुए मैच

    वारदात के बाद पुलिस ने मौकों से डकैतों के फिंगर लिये थे. जब पुलिस को चंगीराम सीसीटीवी कैमरों में नजर आया तो उसके पुराने और अभी मिले फिंगर प्रिंट्स को मिलान 100 प्रतिशत एक जैसा रहा. यहीं से पुलिस का शक बढ़ा. अधिक जांच करने पर पता चला कि रामझूले के नीचे रहने वाले भिखारियों में चंगीराम का परिवार भी है. पुलिस खुलासे का सिरा मिल गया था. चंगीराम के रिश्तेदारों में कुछ से कड़ी पूछताछ करने पर वारदातों की हकीकत सामने आ गई. इसके बाद क्राइम ब्रांच ने भोपाल पुलिस की मदद से 4 आरोपियों को जिला रायसेन से गिरफ्तार कर लिया गया.

     

     

    संदेश कर रहा था मदद

    गिरफ्तार आरोपियों में शामिल संदेश ने डकैती के भागने में पूरी मदद की. बताया जाता है कि संदेश का गोधनी में ज्वेलरी की दूकान है. वारदात के बाद सभी आरोपी रामझूले के नीचे माल का बंटवारा करते थे. संदेश चंगीराम, उसके बेटों और बाकी आरोपियों को शहर से भागने के लिए चौपहिया वाहन का इंतजाम करता था. कुछ दिन बीतने के बाद आरोपी वापस लौटते और फिर डकैती डालकर भाग जाते थे.