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  • नागपुर और उमरेड वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई

उमरेड(सं). नागपुर जिले में बाघ के नाखून और दांत कथित तौर पर रखने और बेचने की कोशिश करने के आरोप में पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. नागपुर प्रादेशिक वनविभाग के उमरेड दक्षिण वनपरिक्षेत्र की एक टीम ने एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए मंगलवार दोपहर को करीब 12.45 उमरेड बस स्टॉप पर जाल बिछाया और तीन आरोपियों को पकड़ लिया, जो वहां जानवरों के अंग बेचने आए थे. इन तीनों आरोपियों की कड़ी जांच और पूछताछ के बाद साइबर सेल मेलघाट के माध्यम से दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.

आरोपियों में चंद्रपुर जिले की नागभीड़ तहसील के खड़कला निवासी ताराचंद महादेव नेवारे (41), राजू कुलमेथे (38)खड़कला, वाढोना निवासी दिनेश कवटू कुंभले (30), अजय राजू भानारकर (24), पलसगांव, सोनपुर (तुकूम) निवासी प्रेमचंद वाघाडे (50) का समावेश है. इन पांचों आरोपियों को वन जीव सुरक्षा अधिनियम 1972 की विविध धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया. बताया जाता है कि ब्रम्हपुरी वनविभाग से सटे सोनपुर (तुकूम) ग्राम के खेत में करंट से बाघ की शिकार की गयी थी. मामले की जांच जारी है.

आरोपी में वन व्यवस्थापन समिति का अध्यक्ष भी शामिल

आरोपियों में राजू कुलमेथे संयुक्त वन व्यवस्थापन समिति के अध्यक्ष तथा ताराचंद नेवारे पीआरटी सदस्य का समावेश है. इस मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ने की आशंका उमरेड के सहायक वन संरक्षक नरेंद्र चांदेवार ने जताई है. यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक प्रादेशिक नागपुर वनवृत्त नागपुर पी. कल्याणकुमार, उप वनसंरक्षक. भारत सिंह हाडा के मार्गदर्शन में उमरेड के सहायक वन संरक्षक नरेंद्र चांदेवार, उमरेड दक्षिण वनपरिक्षेत्र अधिकारी कोमल गजरे,  वनपाल एस.एम. चौगुले, डी.आर. अगले, पी.बी. भिसे तथा वनरक्षक सी.व्ही. कोंपले, पी.एन. नरवास, एस.आर. पेंदाम, टी.पी. श्रीरामे, आर.पी. हेडाऊ ने की.