600 करोड़ कोविड निधि का इस्तेमाल ही नहीं

  • पूर्व मंत्री पाटिल ने मविआ सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

नागपुर. कोविड महामारी काल में केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को 28,000 करोड़ रुपये से अधिक निधि दी गई लेकिन इस सरकार ने उसका सही उपयोग नहीं किया और कोरोना संबंधित खर्च-खरीदी में भारी भ्रष्टाचार भी किया गया. यह सनसनीखेज आरोप पूर्व गृह राज्यमंत्री रणजीत पाटिल ने प्रेस-परिषद में लगाया. उन्होंने मांग की कि कोविड सेंटर में हुए भ्रष्टाचार और अस्पतालों का ऑक्सीजन व फायर ऑडिट होना चाहिए. राज्य सरकार पर कोरोना काल में नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में असफल रहने का आरोप लगाते हुए पाटिल ने कहा कि मविआ सरकार केवल भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का काम करती रही. कोविड सेंटर में भारी भ्रष्टाचार हुए.

अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों के निर्माण के लिए जो करोड़ों की निधि दी गई उसका सही इस्तेमाल ही नहीं हुआ. 2 वर्ष राज्य सरकार ने नागरिकों को केवल परेशान करने का काम किया. केन्द्र ने राज्य को 28,000 करोड़ रुपये से अधिक निधि दी लेकिन बावजूद इसके यह मविआ सरकार केंद्र पर ही असहयोग करने का आरोप लगाती रहती है.

राज्य की यह सरकार खुद कबूल कर चुकी है कि कोरोना काल में जमा हुए 600 करोड़ का उपयोग नहीं किया गया. प्लास्टिक थैली से लेकर पीपीई किट, वेंटिलेटर, रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदी में भ्रष्टाचार हुआ. कोविड सेंटर में लगाए गए पंखे की कीमत जितनी थी उतना उसका किराया दिया गया. आपदा निवारण निधि से केंद्र ने राज्य सरकार को 2,000 करोड़ की निधि दी, उस निधि का हिसाब राज्य सरकार जनता को दे. 

पेट्रोल-डीजल टैक्स में छूट क्यों नहीं

पाटिल ने कहा कि जब केंद्र सरकार नागरिकों को राहत देने के लिए पेट्रोल-डीजल में टैक्स कम कर चुकी है तो मविआ सरकार इस मामले में चुप क्यों है. उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने केंद्र के बाद अपनी राज्य की जनता को राहत देने के लिए टैक्स घटाया है. महाराष्ट्र सरकार को भी टैक्स तत्काल घटाना ही चाहिए. पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह मामले में पाटिल ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है. 

बढ़े मनपा चुनाव की तारीख

राज्य में होने वाले महानगरपालिका चुनाव की तारीख को आगे बढ़ाने की वकालत करते हुए पाटिल ने कहा कि कोरोना संकट में चुनाव को आगे बढ़ाना ही उचित होगा. इसमें किसी को आपत्ति भी नहीं होनी चाहिए क्योंकि चुनाव से अधिक नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा महत्वपूर्ण है. मनपा चुनाव की तारीख आगे भी बढ़ाई जा सकती है. इस दौरान संजय भेंडे, गिरीश व्यास, चंदन गोस्वामी उपस्थित थे.