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प्रतीकात्मक तस्वीर

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नागपुर. एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार की शाम कांग्रेस विधायक के नाम पर आरटीओ अधिकारी से 25 लाख रुपये की रिश्वत वसूली करने वाले दिलीप खोड़े को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था. अब उसकी कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही है. इस दौरान वह किस-किस के संपर्क में था यह पता लगाया जा रहा है.

इस मामले में पूसद से विधान परिषद के विधायक वजाहत मिर्जा से भी पूछताछ हो सकती है. खोड़े एमआईडीसी में टेक्नीशियन पद पर कार्यरत है लेकिन उसके राजनीतिक संबंध बहुत तगड़े हैं. वह मंत्रियों का ओएसडी भी रह चुका है और सरकारी कामों की लायजनिंग भी करता है. सूत्रों का कहना है कि वह मंत्रालय में कार्यरत था लेकिन एसीबी द्वारा इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. बुधवार को एसीबी की टीम ने उसे विशेष अदालत में पेश किया.

एसीबी द्वारा 7 दिनों की कस्टडी रिमांड मांगी गई. न्यायालय ने खोड़े को 1 अप्रैल तक एसीबी की कस्टडी में भेज दिया है. आरटीओ अधिकारी के खिलाफ 2 महिलाओं ने लैंगिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था. खोड़े और उसके साथी चंद्रशेखर भोयर ने अधिकारी से संपर्क किया.

उसे बताया कि विधायक मिर्जा विधान परिषद में प्रश्न उपस्थित कर सकते हैं. यदि इससे बचना है तो दोनों महिलाओं की शिकायत का निपटारा करने के लिए 50-50 लाख रुपये देने होंगे. बाद में खोड़े ने 25 लाख रुपये में समझौता कर लिया. पहले भोयर भी उसके साथ था लेकिन ट्रैप के समय वह मौके पर मौजूद नहीं था. एसीबी भोयर की भी तलाश में जुटी है.

पेशा टेक्नीशियन, 5 करोड़ का फ्लैट

खोड़े को दबोचने के बाद एसीबी की टीम ने ठाणे के हीरानंदानी मिडास में स्थित उसके फ्लैट की तलाशी ली. उसका पॉश फ्लैट देखकर एसीबी के अधिकारी भी आश्चर्यचकित रह गए. बताया जाता है कि जिस इमारत में खोड़े रहता है वहां फ्लैट की कीमत 5 करोड़ के करीब है. टेक्नीशियन पद पर कार्यरत सरकारी कर्मचारी का इतना महंगा फ्लैट होना आश्चर्य की बात है. इसके अलावा खोड़े के यवतमाल में स्थित घर की तलाशी भी ली गई. वहां खोड़े के माता-पिता रहते हैं. दोनों घरों से कुछ दस्तावेज भी जब्त किए गए.