NCP Crisis
अजित पवार-शरद पवार

Loading

नवभारत न्यूज़ नेटवर्क
नागपुर/ मुंबई: महाराष्ट्र विधान मंडल के शीतकालीन सत्र को लेकर विभिन्न पार्टियों को नागपुर में ऑफिस आवंटित किए गए हैं। राकां में फूट के बाद पार्टी का ऑफिस डिप्टी सीएम अजित पवार गुट को दे दिया गया है। कार्यालय के बाहर इस गुट के मुख्य प्रतोद अनिल पाटिल की नेम प्लेट भी लगा दी गई है। इस वजह से शरद पवार गुट के नेता काफी नाराज़ हैं। पूर्व मंत्री अनिल देशमुख ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से दोनों गुटों के लिए अलग-अलग कार्यालय उपलब्ध कराने की मांग की है। जब इस बारे में अजित गुट के कैबिनेट मंत्री धर्मराव राव बाबा आत्राम से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमारा गुट ही असली राकां है। 
 
ऐसे में पार्टी कार्यालय उनके गुट का है। जबकि शरद पवार गुट के अनिल देशमुख ने भी इस कार्यालय पर दावा ठोका है। उनका कहना है कि कुछ सदस्य उनकी पार्टी को  छोड़ कर चले गए हैं लेकिन पार्टी कार्यालय उनका ही रहेगा। राकां में फूट के बाद अजित पवार अपने साथी विधायकों के साथ शिंदे-बीजेपी सरकार में शामिल हो गए हैं। वहीं बगावत के बाद अजित पवार का यह पहला शीतकालीन सत्र है। 
 
 
जानकारों का कहना है कि पार्टी में दो गुट बन जाने के बाद इस सत्र के दौरान दोनों पक्षों के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक के पूरे आसार है। केंद्रीय चुनाव आयोग में चल रही सुनवाई में भी अजित गुट ने अपने आप को असली राकां बताते हुए डिप्टी सीएम को राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया है। साथ ही शरद पवार गुट के नेताओं की नियुक्ति को अवैध करार दिया है।