Shivajirao Moghe

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नागपुर. अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष एडवोकेट शिवाजीराव मोघे ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यवतमाल में 2014 में चाय पर चर्चा की थी. उस समय वे किसानों के हितैषि होने का नाटक करने में सफल रहे. कई वादे भी किये गये. इस बार भी वे यवतमाल आए मगर, किसानों के हित में कुछ भी नहीं किया. आज उनक सभी वादे विफल नजर आ रहे हैं. किसानों की आत्महत्याएं कम होने के बजाय बढ़ गई है. मोदी सरकार दस साल पूरे कर रही है. किसानों के हित में निर्णय लेना तो दूर किसानों को कमजोर करने का काम किया जा रहा है.

सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री ने किसानों के कल्याण के लिए जो वादे किये थे, उन्हें पूरी तरह से भुला दिया गया है. हमारी ओर से यह बात उन्हें याद दिलाने की कोशिश है. उन्होंने कहा था कि हम कृषि उपज को उत्पादन लागत से 50 प्रतिशत अधिक देंगे, किसानों को राष्ट्रीयकृत बैंकों से न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण देंगे, जहां कपास की खेती होती है वहां सूत, कपड़ा और रेडीमेड परिधान बनाने के लिए रोजगार देंगे, सोयाबीन किसानों को अधिक लाभ देंगे, एफसीआई के अलग-अलग विभाग, किसानों के लिए प्रति एकड़ उत्पादन आदि बातें की गई थीं.

नहीं मिल रहा तत्काल ऋण 

मोघे ने आरोप लगाया कि नई तकनीक के इस्तेमाल और उपज दोगुनी करने के लिए वैज्ञानिकों की मदद, न्यूनतम दरों पर फसल बीमा और तत्काल ऋण जैसे कई झूठे वादे करके किसानों को झूठा सपना दिखाया गया. इस अवसर पर गिरीश पांडव उपस्थित थे.