BJP-Congress Clash

    नागपुर. संघ मुख्यालय के समीप हनुमान मंदिर के पास सुबह 11.30 बजे के करीब उस समय तनाव का माहौल बन गया, जब युवक कांग्रेस और भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. करीब एक घंटे तक दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प चलती रही. मामला तब बिगड़ता दिखा जब दोनों ओर के कुछ कार्यकर्ताओं के बीच गालीगलौज और हाथापायी की भी नौबत आ गई.

    दरअसल, युकां द्वारा बंटी शेलके के नेतृत्व में संघ से संसद तक जनता जगाओ, भाजपा भगाओ स्कूटर रैली निकाली गई थी. गांधीगेट शिवाजी चौक पर शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे, मंत्री सुनील केदार और विधायक अभिजीत वंजारी ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था.

    शेलके के नेतृत्व में कार्यकर्ता युकां का झंडा लहराते हुए रेशमबाग, जनगनाड़े चौक, गंगाबाई घाट, झंडा चौक से शिवाजीनगर होते हुए संघ मुख्यालय के पीछे वाली गली से घुसे. भाजयुमो के कार्यकर्ताओं को इसकी भनक थी कि युकां की रैली संघ मुख्यालय जरूर आएगी. करीब 50-60 कार्यकर्ता बड़कस चौक में रैली का इंतजार कर रहे थे. जैसे ही यह पता चला कि युकां कार्यकर्ता पीछे की गली से घुसे हैं तो सभी दौड़ते हुए वहां पहुंचे और हनुमान मंदिर के पास दोनों पार्टी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए.

    गाली गलौज और हाथापायी

    भाजपा कार्यकर्ताओं ने शेलके को रैली वापस ले जाने को कहा लेकिन उन्होंने कहा कि वे गणपति मंदिर दर्शन करने आए हैं. भाजयुमो कार्यकर्ताओं का कहा कि लॉकडाउन में मंदिर बंद है. संघ एक सामाजिक संगठन है और वे इस पर राजनीति न करें. भाजपाइयों ने कांग्रेसियों को उल्टे पैर वहां से लौट जाने का अल्टीमेटम दिया. वे जय श्रीराम, एक ही चर्चा युवा मोर्चा के नारे लगा रहे थे. उनके जवाब में कांग्रेसी भी गणपति बप्पा मोरया के नारे लगाते रहे. इसी दौरान कुछ भाजपाइयों और कांग्रेसियों में गालीगलौज और हाथापायी भी हुई. करीब 20 मिनट के बाद संघ मुख्यालय की सुरक्षा में लगा पुलिस दल वहां पहुंचा. लेकिन हालात उनसे नहीं संभला. आधे घंटे के बाद कोतवाली से पुलिस दल आया मध्यस्थता कर मामला शांत करने का प्रयास किया गया.

    उल्टे पैर लौटना पड़ा

    भाजपाइयों-कांग्रेसियों को वहां से लौटने को कह रहे थे. शेलके ने मंदिर में दर्शन की बात की तो उन्हें अकेले जाने को कहा गया. कुछ ही देर में और 50-60 भाजपा कार्यकर्ता वहां पहुंच गए. भाजपाइयों की संख्या अधिक होने पर वे भारी पड़ गए. फिर रैली वालों को जिस रास्ते से आए थे वहीं से लौटना पड़ा. उन्हें उनकी गाड़ियां मोड़ने भी नहीं दी गई. रिवर्स में ही लौटना पड़ा. दोनों पक्षों के भिड़ने से परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही. भाजपा कार्यकर्तांओं का कहना था शेलके को प्रेम से समझाने गये थे कि संघ राजनीति नहीं समाजसेवा संगठन है, उसे जो भी प्रदर्शन करना है वह प्रशासन द्वारा तय किये गए संविधान चौक पर करें परन्तु वे नहीं माने. यह भी दावा किया गया कि कांग्रेसी संघ मुख्यालय में पत्थरबाजी करने की मंशा से आए थे लेकिन युवा मोर्चे के बढ़ते दबाव से उसके कार्यकताओं ने पत्थर गायब कर दिये.

    दर्शन करने गया था : शेलके

    इधर, बंटी शेलके ने कहा कि संघ से संसद तक रैली निकालने के पहले वे गणपति के दर्शन करना चाहते थे. लेकिन उन्हें दर्शन करने से रोका गया. यह निंदनीय है. दरअसल, केन्द्र सरकार की असफल नीतियों से भाजपा कार्यकर्ता जनता को मुंह दिखाने लायक नहीं रहे हैं इसलिए इस तरह का निंदनीय कृत्य कर रहे हैं.