Sharad Pawar

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नागपुर. संविधान पर हमला हो रहा है. देश में अघोषित आपातकाल जैसी तस्वीर है. विपक्षी दलों के नेताओं को बिना कारण गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया जाता है. इस बीच देश की संवैधानिक संस्थाओं पर कब्ज़ा करने जैसे कई मुद्दों पर नागरिकों में गुस्सा हैं. जनता ये सब देख रही है. यह बात नागपुर आए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने मंगलवार को कही. उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर एक अलग तस्वीर है और देश का मूड बदल गया है. पवार ने मंगलवार सुबह वर्धा में माविआ के उम्मीदवार अमर काले का नामांकन पत्र भरा. इसके बाद नागपुर लौटकर वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर अपने बात रखी.

हर किसी को जेल में डालना चाहते हैं मोदी
झारखंड और दिल्ली के मुख्यमंत्री जेल में बंद हैं. एक के बाद एक नेता को जेल भेजा जा रहा है. प्रधानमंत्री बातें बड़ी-बड़ी करते हैं, व्यवहार अलग करते हैं. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और अन्य नीतिगत निर्णय प्रक्रिया का पालन किए बिना प्रशासनिक आदेश जारी किए जाते हैं. उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर हमला चिंता का विषय है. पवार ने कहा कि वे कोई ज्योतिषी नहीं हैं जो भविष्यवाणी करें कि कौन जीतेगा क्योंकि मतदान प्रक्रिया चल रही है और मतदान भी होने वाला है लेकिन मुझे नहीं लगता कि लोग मोदी को वोट देंगे. इससे पहले चुनावों में वंचितों का नुकसान हो चुका है. उन्होंने संगठित होने की भूमिका निभानी चाहिए. पवार ने कहा कि क्योंकि वे अच्छे वोट लेते हैं, इसलिए देखा गया है कि मत-विभाजन होता है.

‘प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार’ की कोई चर्चा नहीं
उन्होंने कहा कि जब इंडिया गठबंधन बन रहा था तब इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई थी. इससे पहले भी बने गठबंधन में कोई उम्मीदवार नहीं था. ऐसा नहीं हो रहा है, इसलिए वर्तमान में प्रधानमंत्री पद के लिए कोई उम्मीदवार नहीं है.

विचाधारा महत्वपूर्ण
उन्होंने कहा कि हालांकि गडकरी के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं लेकिन बैठक में जो तय हुआ, हम उसमें साथ देंगे. अंततः यह विचारधाराओं की लड़ाई है. नागपुर में पार्टी की राजनीतिक ताकत पर्याप्त नहीं थी, इसलिए पवार ने स्पष्ट किया कि पार्टी मविआ द्वारा दिए गए उम्मीदवार का साथ निभायेगी.

भाजपा के साथ गये यानी खत्म
शिवाजीराव आढलराव पाटिल ने कहा है कि ‘पवार युग समाप्त हो गया है.’ उन्होंने कहा कि हम वोटिंग के बाद इस बारे में बात कर सकते हैं. डॉ. अमोल कोल्हे भारी मतों से जीतेंगे. उन्होंने कहा कि हमें देखना चाहिए कि मतदाता क्या सोचते हैं. तो क्या अजीत पवार भविष्य में उनके साथ रहेंगे, इस पर उन्होंने स्पष्ट राय व्यक्त करते हुए कहा कि वे बीजेपी के साथ गए और सब खत्म हो गया. हमें लगा था कि महादेव जानकर हमारे साथ चलेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि इसके पीछे भूमिका यह थी कि संसद में धनगर समुदाय का एक प्रतिनिधि होना चाहिए.