Crime

  • झुलसी महिला की मौत की गुत्थी सुलझी
  • आरोपी 1 जनवरी तक पुलिस हिरासत में

नागपुर. सदर थाना क्षेत्र में झुलसने से हुई महिला की मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. जांच में साफ हो गया है कि महिला के प्रेमी ने ही उसके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगाई थी. बाद में उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गया. पुलिस ने इस मामले में आकार बिल्डर, बैरामजी टाउन निवासी शादाब आफताब आलम(32) बताया गया. न्यायालय ने उसे 1 जनवरी तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए है. शादाब के महेंद्रनगर निवासी रुबिना (40) के साथ प्रेम संबंध थे.

दोनों की वर्ष 2017 में फेसबुक पर दोस्ती हुई थी. मित्रता को प्रेम संबंधों में बदलते देरी नहीं लगी. रुबिना ने शादाब को यह नहीं बताया था कि वह शादीशुदा है और उसके 2 बच्चे भी है. इसी वर्ष जनवरी महीने में शादाब को इस बात का पता चला. शादाब ने उससे दूरी बनाने के बारे में सोचा, लेकिन रुबिना उसपर विवाह के लिए दबाव डाल रही थी. शुक्रवार की शाम वह शादाब से मिलने उसके फ्लैट पर गई. वहां दोनों के बीच विवाद हुआ. इसी दौरान शादाब ने उसके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी.

3 अस्पतालों में मिले एंट्री के रिकॉर्ड 

बाद में उसे अस्पताल पहुंचाकर भाग निकला. अपने प्रेम संबंध छुपाने के लिए रुबिना ने निजी अस्पताल में उपचार के दौरान पुलिस को गलत बयान दिया था. सदर के हल्दीराम के सामने युवक द्वारा जलाए जाने की जानकारी दी थी. शनिवार की सुबह उसकी मौत हो गई. इस प्रकरण को सीपी अमितेश कुमार ने गंभीरता से लिया. कॉल डिटेल्स के जरिए शादाब का पता चला. जांच में पता चला कि शादाब उसे पहले सदर के विनस अस्पताल ले गया था. वहां से उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई. तब तक रुबिना के परिजन वहां पहुंच चुके थे. शादाब उसे परिजनों के सुपुर्द कर भाग निकला. इसके बाद रुबिना को मेयो अस्पताल ले जाया गया और वहां से मेडिकल अस्पताल. इन सभी जगहों पर की गई एंट्री के दस्तावेज पुलिस ने कब्जे में ले लिए है. 

पुलिस को नहीं दी जानकारी

पुलिस का मानना है कि यदि रुबिना ने खुद अपने आप को जलाया था तो शादाब पहले भी पुलिस को जानकारी दे सकता था. रुबिना द्वारा मोपेड से पेट्रोल निकाला जाना संभव नहीं है. आमतौर पर झुलसने वाले व्यक्ति बचाने का प्रयास करने वाला भी जख्मी होता है. यदि शादाब ने उसे बचाने का प्रयास किया तो वह क्यों नहीं झुलसा. इसीलिए पुलिस ने शादाब के खिलाफ हत्या और सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज किया है. सभी मुद्दों पर जांच करने के लिए सदर पुलिस ने न्यायालय से पुलिस हिरासत मांगी. अदालत ने उसे 1 जनवरी तक पीसीआर मंजूर किया. शादाब मूलत: पटना का रहने वाला है. मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद वह नागपुर में ही सेटल हो गया. वह गूगल कंपनी के लिए काम करता है.