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    नागपुर. शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व अस्पताल के प्रवेश द्वार पर दो-दो जवानों की टीम के साथ महाराष्ट्र सुरक्षा बल के कुल 4 जवान तैनात रहते हैं. भीतर आने वालों से पूछताछ की जाती है. डीन कार्यालय और मुर्दा घर के सामने भी जवान तैनात रहते हैं. इनके अलावा कुछ निजी एजेंसियों के भी सुरक्षा रक्षक तैनात रहते हैं. इन सब के बाद भी पिस्तौल लेकर एक सिरफिरा मेडिकल में घुस जाता है. इस घटना से विद्यार्थियों सहित निवासी डॉक्टरों में दहशत का माहौल है. मेडिकल परिसर में लाइब्रेरी के पास एक बीपीएमटी की प्रशिक्षु छात्रा पर उसके प्रेमी ने पिस्तौल तान दी थी. पिस्तौल से गोली नहीं निकली, वरना युवती की जान चली जाती.

    इस घटना से एक ओर जहां मेडिकल की छवि धूमिल हो रही है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे हैं. मेडिकल प्रशासन ने पहले से ही व्यवस्था को मजबूत बना रखा है. निजी एजेंसी के करीब 100 कर्मचारी तीन शिफ्ट में तैनात रहते हैं. रात के वक्त भी इनकी सक्रियता देखी जाती है लेकिन तैनाती केवल ओपीडी, वार्डों के सामने और बरामदे में ही रहती है. रात के वक्त कैजुवल्टी के सामने एमएफएस के जवान तैनात रहते हैं.

    गेट बंद रखने से व्यवस्था में कितना सुधार 

    मेडिकल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ओपीडी के सामने पुराने गेट को बंद कर दिया है. गेट बंद किये जाने से अतिक्रमणकारियों ने अपना कब्जा जमा लिया है. वहीं सुपर अस्पताल के पास लगे गेट को भी बंद रखा जाता है. प्राध्यापकों के बंगले के सामने दीवार बना दी गई है. यानी सुरक्षा के इंतजाम पहले से ही किये गये हैं. सुरक्षा बल के जवान बंदूक लेकर तैनात रहते हैं. अस्पताल के भीतर के साथ ही बाहरी इलाकों में भी रात के वक्त गश्त की जानी चाहिए लेकिन यह गश्त दिखाई नहीं देती. इस दिशा में ध्यान दिये जाने की जरूरत है. साथ ही सुरक्षा के लिए किये जा रहे उपायों की समीक्षा करने की भी जरूरत है.

    166 जवान और 60 CCTV बढ़ाने का भेजा प्रस्ताव 

    इस घटना के बाद मेडिकल प्रशासन ने १६६ सुरक्षा रक्षक और ६० सीसीटीवी कैमरे बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव वैद्यकीय शिक्षा को भेज दिया है. मेडिकल में फिलहाल ६८ महाराष्ट्र सुरक्षा दल के जवान कार्यरत है. वहीं 73 सीसीटीवी लगाए गये हैं. यवतमाल मेडिकल कॉलेज में एक निवासी डॉक्टर की हत्या के बाद एक बार फिर से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठी थी. इस घटना के विरोध में डॉक्टरों ने हड़ताल भी की. मंगलवार को जवाब और सीसीटीवी बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा गया. साथ ही घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति भी गठित की जाने वाली है. पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए 6 टीमों को अलग-अलग जगह पर रवाना कर दिया है.