Bajaria, Nagpur

  • पुलिस बल के साथ ACP ने लगाई गश्त

नागपुर. बजरिया परिसर में चल रही अपराधियों की गुंडागर्दी पर गणेशपेठ पुलिस की ढीले रवैये को देख बुधवार को सीपी अमितेश कुमार ने जमकर ‘बैंड बजाया’. सीपी की फटकार का जबरदस्त असर देखने को मिला. बताया जाता है कि आला अधिकारियों ने गणेशपेठ पुलिस की क्लास ली. इसके बाद एसीपी खुद दल-बल के साथ बजरिया में पहुंचे. पूरे इलाके में पुलिस ने गश्त की.

अपराधियों के ठिकानों का पता लगाया. साथ ही नागरिकों को विश्वास दिलाया कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर है. किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर सीधे कंट्रोल रूम को फोन करें. फोन करने वाले पर पहचान बताने के लिए कोई दबाव नहीं होगा. बुधवार शाम के बाद परिसर का माहौल भी बदल गया. नागरिकों ने व्यवस्था में सुधार लाने के लिए सीपी अमितेश कुमार को धन्यवाद दिया.

अंडरग्राउंड हुए सभी अपराधी 

अब तक परिसर में उत्पात मचा रहे अपराधी अंडरग्राउंड हो गए है. जैसे ही पुलिस सक्रिय हुई अपराधी गायब हो गए. एसीपी कोतवाली और पीआई गणेशपेठ बड़ी संख्या में पुलिस बल लेकर परिसर में दाखिल हुए. 3 वाहनों के साथ परिसर के चप्पे-चप्पे की छानबीन की गई. स्थानीय नागरिकों से अपराधियों के अड्डों के बारे में जानकारी ली गई. बीट मार्शल और अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि परिसर में कोई भी अपराधी दिखाई नहीं देना चाहिए. इसी के साथ हिस्ट्रीशीटर्स के खिलाफ प्रतिबंधक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए. 

जीर्ण मकान में छायी वीरानी

कई महीनों से बजरिया के नागरिक अपराधियों की गतिविधियों से परेशान थे. हर कोई भयभीत था. सभी को डर था कि परिसर में कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है. इस बार नागरिकों ने हिम्मत से काम लिया. एकजुट होकर अपराधियों के खिलाफ मुखर हुए. यही कारण है कि कुंभकर्णी नींद में सोई गणेशपेठ पुलिस हरकत में आई. नागरिकों की एकजुटता देख पिछले 2 दिनों से एक भी अपराधी परिसर में भटकता नहीं दिखा. जिस जीर्ण मकान को अपराधियों ने अपना अड्डा बनाया था वहां 2 दिनों से वीरानी छायी है. नागरिक सुकून की नींद ले पा रहे हैं, लेकिन इसके पहले स्थिति बहुत ही खराब थी. 

डरे बिना करें शिकायत : सीपी अमितेश

सीपी ने कहा कि नागरिक बिना डरे पुलिस के पास शिकायत कर सकते हैं. शहर की जनता की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है. केवल बजरिया ही नहीं, शहर में कहीं भी कोई अपराधी नागरिकों को डरा नहीं सकता. या तो अपराधी सलाखों के पीछे जाएगा या फिर शहर से बाहर. किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि शहर में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि स्थानीय अधिकारी शिकायत पर ध्यान न दें तो सीधे मुझे शिकायत करें.