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नागपुर. चर्चित अपराधी सुमित ठाकुर और उसकी गैंग ने रविवार की रात जरीपटका की ठवरे कॉलोनी में आतंक मचाया. रैश ड्राइविंग के लिए फटकार लगाने पर सुमित और उसकी गैंग ने अपनी कार से 3 युवकों का अपहरण कर लिया. उन्हें एक गोदाम में बंधक बनाकर जमकर मारपीट की. कनपटी पर पिस्तौल लगाकर हत्या का प्रयास किया.

जरीपटका पुलिस ने रिपब्लिकननगर, न्यू इंदोरा निवासी कमल अनिल नाईक (33) की शिकायत पर सुमित ठाकुर और उसके 5 साथियों के खिलाफ विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. ठवरे कॉलोनी में रहने वाले कमल के मित्र सम्राट गोंडाने की बच्ची के जन्मदिन का आयोजन किया गया था. कमल और उसके दोस्त मुजफ्फर शेख (29) और अतुल आत्राम (25) भी कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे. रात 12.10 बजे के दौरान तीनों पंडाल के बाहर ही खड़े थे. इसी दौरान सुमित अपनी गर्लफ्रेंड को छोड़ने वहां आया.

रैश ड्राइविंग करते हुए उनके करीब से गाड़ी ले गया. तीनों ने आवाज लगाई तो सुमित कुछ दूर जाकर रुक गया. कमल ने उसे बाहर निकालने के लिए बाल पकड़े तो सुमित की विग हाथ में आ गई. इस बात से वह बौखला गया. गर्लफ्रेंड को छोड़ने के बाद तुम्हें सबक सिखाता हूं कहकर सुमित वहां से चला गया. तीनों दोस्तों ने भोजन किया और फिर पंडाल के बाहर खड़े हो गए. 12.50 बजे के दौरान सुमित लाल रंग की कार में 3 युवकों के साथ आया.

पिस्तौल कनपटी पर तान दी और खोपड़ी उड़ा दूंगा कहकर तीनों को जबरन कार में बैठाया. उसके साथियों ने कार में ही तीनों के साथ जमकर मारपीट की. इसी दौरान किसी को फोन लगाकर गोडाउन खोलकर रखने को कहा. आरोपियों ने कमल और उसके दोस्तों के मोबाइल छीन लिए. जेब से करीब 2200 रुपये निकाल लिए. उन्हें हजारी पहाड़ परिसर में एक टीन के शेड में ले गए. वहां 2 आरोपी पहले से खड़े थे. वहां उन्हें बंधक बनाकर पिस्तौल की नोक पर पीवीसी पाइप से जमकर पीटा गया. आखिर हाथ-पैर जोड़ने पर सुमित और उसकी गैंग ने तीनों को दोबारा कार में बैठाकर ग्रामीण पुलिस मुख्यालय के समीप छोड़ दिया. कमल ने उसे बताया कि वह मजदूरी करता है. अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए फोन वापस मांगे. सुमित उनके फोन रास्ते पर फेंककर चला गया. तीनों पीड़ित जरीपटका थाने पहुंचे और सुमित के खिलाफ शिकायत की.

मेडिकल जांच के बाद पुलिस ने सुमित के खिलाफ अपहरण, लूटपाट, हत्या का प्रयास, दंगा और आर्म्स एक्ट सहित विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. बताया जाता है कि सोमवार को सुमित ने शिकायत न दर्ज करवाने के लिए पीड़ितों पर काफी दबाव बनाया. उनके खिलाफ छेड़खानी की शिकायत करने की धमकी दी लेकिन बात नहीं बनी. पकड़े जाने के डर से वह अंडरग्राउंड हो गया. पुलिस की 2 टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं.