anil deshmukh

  • पुलिस पर लापरवाही का आरोप, SP को सौंपा ज्ञापन

नागपुर. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने 100 करोड़ की वसूली के मामले में पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को गिरफ्तार करने या फरार घोषित करने की मांग की. इस आशय के साथ मनसे के राज्य महासचिव हेमंत गडकरी के नेतृत्व पदाधिकारियों का एक शिष्टमंडल नागपुर ग्रामीण पुलिस के पुलिस अधीक्षक विजयकुमार मगर से मिलकर ज्ञापन सौंपा. हेमंत ने कहा कि मामला दर्ज होते ही ईडी और सीबीआई की पूछताछ से बचने की कोशिश कर रहे देशमुख पिछले 3 महीनों से काटोल विधानसभा क्षेत्र से लापता है. वे यहां के विधायक है, यदि वह जानबुझकर पुलिस के सामने पेश नहीं हो रहे तो फिर उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए. यदि वे नहीं मिल रहे तो उन्हें फरार घोषित कर दिया जाना चाहिए. 

आरोपी का साथ दे रही पुलिस

मनसे ने एक बयान में कहा कि पिछले 3 महीने से सरकारी जांच विफल हो रही है या पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक अनिल देशमुख की जांच में जानबूझकर देरी कर रही है. काटोल विधानसभा क्षेत्र से लापता विधायक जनहित में विकास कार्यों को प्रभावित कर रहे हैं. यदि आम जनता के मुद्दों को संबोधित करने के लिए जनता द्वारा चुना गया प्रतिनिधि ही गायब है तो यह आम जनता के साथ विश्वासघात है. इस साल भारी बारिश से किसान समुदाय को भारी नुकसान हुआ है. चूंकि सिर्फ काटोल विधानसभा क्षेत्र के विधायक गायब हैं, ऐसे में इस गरीब मजदूर वर्ग की आवाज सरकार के सामने कौन उठाएगा? ऐसा ही सवाल यहां की जनता के सामने है.

तेज हो कानूनी प्रक्रिया

चर्चा के दौरान, हेमंत गडकरी ने स्पष्ट रुख अपनाया कि सरकार और पुलिस विभाग को विधायक देशमुख को खोजने या उन्हें कानूनी रूप से भगोड़ा घोषित करने के लिए कानूनी प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए. ताकि यहां के लोगों को दोबारा चुनाव के जरिए चुनाव आयोग में वापसी के लिए सही प्रतिनिधि (विधायक) मिल सके. प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष किशोर सरायकर, सतीश कोल्हे, अजय ढोके, विशाल बैज, शाम पूनियानी, घनश्याम निखाड़े, प्रकाश ढोके, गौरव पुरी, हर्षद दसरे आदि शामिल थे.