Dengue, Wadi, Shilpa

    वाड़ी (सं.). वाड़ी नगर परिषद क्षेत्र कोरोना के गंभीर संकट से गुजरने के बाद अब डेंगू बीमारी ने क्षेत्र में प्रवेश कर लिया है. रविवार सुबह धम्मकीर्तिनगर निवासी शिक्षिका शिल्पा उमेश कापसे (42) वर्ष की डेंगू के उपचार दरम्यान मृत्यु हो गई. इस घटना से क्षेत्र के नागरिकों में डेंगू को लेकर चिंता व आक्रोश दिखाई दिया. नगर परिषद प्रशासन से डेंगू की रोकथाम के संबंध में शीघ्र उपाययोजना करने की मांग की गई.

    शिल्पा उमेश कापसे वानाडोंगरी की एक स्कूल में शिक्षिका थी. इसी के साथ वह परिसर के छात्रों का नृत्य प्रशिक्षण वर्ग भी संचालित करती थी. गुरुवार को बुखार आने से उसे मारोतीनगर स्थित निजी अस्पताल में उपचारार्थ ले जाया गया था. रविवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर डिफेंस में कार्यरत उसके पति उमेश कापसे द्वारा उसे नागपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहां उपचार के दौरान दोपहर में उसकी मृत्यु हो गई.

    डाक्टर ने बरती लापरवाही

    अस्पताल में उपस्थित जिप की शिक्षण व वित्त सभापति भारती पाटिल ने बताया कि मारोतीनगर के जिस डॉक्टर ने शिल्पा पर उपचार किया उनके द्वारा समयोचित सूचना व निर्णय नहीं लेने से यह परिस्थिति निर्माण हुई. वाड़ी नगर परिषद द्वारा डेंगू पर नियंत्रण नहीं होने पर भी उन्होंने तीव्र नाराजगी व्यक्त की. 

    4 वर्ष पूर्व हुई थी 6 की मृत्यु

    नागरिकों ने बताया कि 4 वर्ष पूर्व भी वाड़ी में डेंगू के कहर से 6 लोगों की मृत्यु होने से जिले में खलबली मच गई थी. इसके बाद वाड़ी में सरकारी स्वास्थ्य सुविधा व नप के पास सीमित यंत्रणा के कारण तत्कालीन जिलाधिकारी व जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने क्षेत्र में स्थिति पर नियंत्रण, उपचार हेतु यहां महीनाभर यंत्रणा तैनात की थी. वर्तमान समय भी वाड़ी में डेंगू के मरीज पाये गये है. अब शिल्पा की डेंगू की मृत्यु होने से फिर एक बार वाड़ी सुरक्षित उपाय व स्वास्थ्य सुविधा देने की जिम्मेदारी को लेकर प्रशासन चर्चा में आ गया है. जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि, वाड़ी नगर परिषद व व्याहाड स्वास्थ्य केंद्र से इस संदर्भ में शीघ्र सकारात्मक कदम उठाने की मांग की गई.