Arrest

    नागपुर. जूनी शुक्रवारी परिसर में मंगलवार की रात हुई गमछू उर्फ महेश नामदेवराव लांबट (50) नामक अपराधी की हत्या मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. और 1 नाबालिग  हिरासत में है, आरोपियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से गमछू उनके साथ विवाद कर रहा था और मारने की धमकी भी दी थी. अपना गेम होने के डर से आरोपियों ने उसे मौत के घाट उतार दिया लेकिन यह कहानी किसी के गले नहीं उतर रही है. बताया जाता है कि उमरेड रोड पर स्थित प्रापर्टी को लेकर गमछू का 1 बिल्डर से विवाद चल रहा था.

    अनुमान लगाया जा रहा है कि पकड़े गए आरोपियों को मोहरा बनाकर गमछू की हत्या करवाई गई. पुलिस फिलहाल इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं है. पकड़े गए आरोपियों में जूनी शुक्रवारी निवासी पीयूष उर्फ दाद्या मांडवले (25), लोकेश येलणे (25), वैभव उर्फ चिड़या बांते (22) और 1 नाबालिग का समावेश है.

    गौरव रगड़े नामक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. वह अजनी थाना क्षेत्र का रहने वाला है. इसीलिए इस वारदात में अजनी गैंग का भी हाथ हो सकता है. गमछू की हत्या के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया. 

    क्राइम ब्रांच को मिली सफलता

    रातभर पुलिस आरोपियों की खोज करती रही. बुधवार की दोपहर क्राइम ब्रांच के यूनिट 3 ने चारों आरोपियों को हिरासत में लिया. दाद्या का कहना है कि गमछू पिछले 1 महीने से उससे विवाद कर रहा था. तान्हा पोला के दिन भी उसने दाद्या के साथ हाथापाई की थी और गेम करने की धमकी दी थी. इसीलिए उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर गमछू को मारने का प्लान बनाया लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि दाद्या और उसके साथियों की इतना बड़ा काम करने की हिम्मत नहीं है.

    हत्या के पीछे किसी और का हाथ है. उमरेड रोड पर प्रापर्टी को लेकर चल रहे विवाद में एक पार्टी का सपोर्ट गमछू कर रहा था. इस वजह से 2-3 बार विवादित बिल्डर के साथ उसकी बहस भी हुई थी. बुधवार की दोपहर तनावपूर्ण वातावरण में गमछू का अंतिम संस्कार किया गया. कोई और विवाद न हो इसीलिए पुलिस ने तगड़ा बंदोबस्त तैनात किया था.