डीपी रोड : ट्राफिक पुलिस कर रही मनमानी, फिर लगा दिये बैरिकेड, जनता का सिरदर्द बढ़ा

    नागपुर. जीरो माइल मेट्रो स्टेशन के नीचे बने डीपी रोड पर एक बार फिर से ग्रहण लग गया है. पहले महामेट्रो, फिर महानगरपालिका और अब ट्राफिक पुलिस विभाग ने इस रास्ते को बंद कर दिया है. भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा चेतावनी देकर खोले जाने के बाद भी ट्राफिक पुलिस ने बुधवार को यह रास्ता बंद कर दिये जाने से जनता में रोष बढ़ गया है.

    सिटी के अस्त व्यस्त ट्राफिक को संभालने की जिम्मेदारी  जिस विभाग पर होती है, वह बेहतर ट्राफिक प्रबंधन के लिए बने नवनिर्मित सड़क को बगैर कोई ठोस कारण के बंद कर दे यह समझ से परे है.

    बड़े साहब का आदेश है….

    डीपी रोड के खुलने से पूर्व नागपुर और पश्चिम नागपुर की आवाजाही करने वाले लोगों से खुशी की लहर थी. वैसे भी वेरायटी चौक के जाम से बचने के लिए और जीरो माइल टी प्वाइंट की झंझट से बचने के लिए लोग डीपी रोड का उपयोग करना शुरू कर चुके थे. लेकिन आए दिन कोई न कोई एजेंसी इस रास्ते को बंद करने पर ही उतारू है. ट्राफिक विभाग के अफसरों को जब पूछा गया कि किस कारण से डीपी रोड बंद किया तो एक ही जवाब मिला ‘बड़े साहब का आदेश है.’ मात्र बड़े साहब डीसीपी ट्राफिक है या सीपी यह कोई बताने को तैयार नहीं है.

    सूझबूझ वाले डीसीपी, फिर भी विभाग जनविरोधी

    ट्राफिक के डीसीपी सारंग आव्हाड को एक सूझबूझ वाला डीसीपी समझा जाता है. महाराष्ट्र के कुछ बड़े शहरों में उन्होंने ट्राफिक प्रबंधन के लिए काफी काम किया है. मात्र उनके जैसे अफसर के रहते एक चलता हुआ रास्ता बंद कर दिया जाए और बंद करने का भी कोई कारण न हो तो यह समझ से परे है. ट्राफिक विभाग की छवि को सुधारने में डीसीपी आव्हाड़ जी जान से लगे हुए हैं. मात्र भाजयुमो ने जिस तरह से आरोप लगाये हैं कि शहर भर में ट्राफिक वालों का पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ चालान करने में लगा हुआ है. ट्राफिक मैनेजमेंट में किसी का भी ध्यान नहीं है.

    मैनुअल कंट्रोल हो सकता है ट्राफिक

    रास्ता बंद करने का एक कारण यह दिया जा रहा है कि टेकड़ी रोड से आने वाले ट्राफिक को यूनिवर्सिटी की तरफ जाते समय और डीपी रोड से बर्डी की तरफ आने वाले वाहनों के भिड़ंत की संभावना ज्यादा रहती है. उसी तरह अभी तक सिग्नल का टाइमिंग भी ठीक नहीं किया गया है. ऐसे में जनता की मांग है कि जब तक सिग्नल का टाइमिंग ठीक नहीं हो जाता, तब तक मैन्युअल ट्राफिक कंट्रोल किया जा सकता है.

    ट्राफिक सिपाहियों की ड्यूटी भी गोवारी टी प्वाइन्ट (डीपी रोड बनने से जो अब चौराहा बन गया ) पर लगी रहती है, लेकिन वे सिर्फ और सिर्फ पूरा दिन मुर्गा खोजने में व्यस्त रहते हैं. यहां तक कि रिजर्व बैंक की ओर से आने वाले ऐसे वाहन जिनको लोहा पुल की ओर जाना रहता है, उनकी लेन क्लीयर करने तक का काम नहीं करते. ऐसे में रिजर्व बैंक चौक से जीरो माइल वाले रोड पर हमेशा कृत्रिम ट्राफिक जाम की स्थिति रहती है.